काशीपुर। दीपक बाली के मेयर बनने से पूर्व नगर निगम के पिछले बोर्ड द्वारा 20 वर्ष के लिए दिए गए कूड़ा कलेक्शन की ठेकेदार कंपनी ने नगर निगम से तीन दिन पूर्व भुगतान लेने के बावजूद पर्यावरण मित्रों के खातों में उनका वेतन न डालने के विरोध में आज ठेकेदार कंपनी में कार्यरत पर्यावरण मित्रों ने दीपावली के अवसर पर दिन निकलते ही नगर के मुख्य चौराहे महाराणा प्रताप चौक पर कूड़ा डालकर अपना विरोध प्रदर्शन किया ।इस घटना का पता चलते ही महापौर दीपक बाली तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने ठेकेदार कंपनी से बात कर आज दोपहर 2:00 बजे तक सफाई कर्मचारियों के खातों में दस दस हजार रुपए डालने के निर्देश दिए। महापौर ने पर्यावरण मित्रों से कहा कि आपकी मांग और विरोध सही है लेकिन यह शहर आपका और हम सब काअपना है और सनातन समाज के इस सबसे बड़े पर्व पर साफ सफाई रखी जाए। पर्यावरण मित्रों ने महापौर की बात को मानते हुए तुरंत डाले गए कूड़े को उठाना शुरू कर दिया।
महापौर ने कहा कि ठेकेदार कंपनी द्वारा नगर निगम से भुगतान लेने के बावजूद कर्मचारियों को भुगतान न करना एक बहुत ही गंभीर मामला है और इसकी समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर कंपनी का ठेका निरस्त कर दोबारा निविदा की जाएगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि निगम की ओर से तीन दिन पूर्व कंपनी को भुगतान किया जा चुका है,लेकिन कंपनी के अंतर्गत निगम क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को उनका भुगतान नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण आज यह स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कंपनी और उसके अधिकारियों से बातचीत की, जिसके बाद उनके अनुरोध पर कर्मचारियों ने दोबारा काम शुरू कर दिया है।
महापौर ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों के भुगतान में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कंपनी के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारियों के बकाया भुगतान से जुड़े मामले में कंपनी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
दीपक बाली ने कंपनी को निर्देश देते हुए कहा कि दोपहर दो बजे तक सभी संबंधित कर्मचारियों को 10-10 हजार रुपये का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनका मेहनताना समय पर मिलना चाहिए। किसी भी कंपनी को कर्मचारियों का शोषण करने या उनके भुगतान में अनावश्यक देरी करने की छूट नहीं दी जा सकती।
महापौर ने यह भी संकेत दिया कि नई नीति के तहत कंपनी की कार्यप्रणाली और सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही करने वाली कंपनी के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों के हितों और शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है।




