राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन भारत की एक महत्वपूर्ण बैठक ग्राम मिस्सरवाला स्थित 17 एकड़ कॉलोनी में आयोजित की गई। बैठक का आयोजन संगठन के प्रदेश सचिव मोहम्मद फरकान के आवास पर किया गया, जिसमें संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की।
बैठक में मुख्य रूप से वर्षों से चली आ रही कम वोल्टेज एवं अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या को उठाया गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि 17 एकड़ कॉलोनी के निवासी लंबे समय से बिजली की समस्या से परेशान हैं। कम वोल्टेज के कारण न तो घरेलू उपकरण सही ढंग से चल पा रहे हैं और न ही पानी की समुचित व्यवस्था हो पा रही है। भीषण गर्मी के चलते बच्चे, महिलाएं एवं बुजुर्ग विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं तथा रात में पर्याप्त नींद तक नहीं ले पा रहे हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड ज़ुबैर सिद्दीकी ने कहा कि “बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। यदि ग्रामवासी वर्षों से ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन भारत इस मुद्दे को संबंधित विभागों एवं प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाएगा तथा समस्या के समाधान तक क्षेत्रवासियों के साथ खड़ा रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि “भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों का परेशान होना तथा पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा का प्रभावित होना चिंता का विषय है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।”
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि शीघ्र ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की जाएगी।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तराखंड वसीम सिद्दीकी, मोहम्मद गुलफाम (विधानसभा महासचिव, जसपुर), शरीफ अहमद (ब्लॉक अध्यक्ष, जसपुर), मोहम्मद शाकिर (ब्लॉक सूचना मंत्री, जसपुर), जीशान अल्वी (सोशल मीडिया कार्यकारिणी सदस्य, जसपुर), मोहम्मद शाहनवाज (सोशल मीडिया कार्यकारिणी सदस्य, जसपुर) सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






