काशीपुर:द गुरुकुल फाउंडेशन सोसाइटी को 5वें भारत एंटरप्रेन्योरशिप समिट में उत्तराखंड के लिए प्रतिष्ठित भारत एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (EAI) द्वारा नई दिल्ली म्यूनिसिपल कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में किया गया।
एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (EAI) तथा भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के उद्यमियों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य भारत में उद्यमिता के सशक्त एवं समावेशी परिवेश को बढ़ावा देना था।
इस उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि द गुरुकुल फाउंडेशन सोसाइटी को ऐसे राष्ट्रीय सम्मान के लिए उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने हेतु चुना गया, जो केवल शिक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमशीलता के प्रभाव, नवाचार, पहल करने की क्षमता और सकारात्मक एवं सतत परिवर्तन लाने के प्रयासों को सम्मानित करता है।

सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. नीरज कपूर एवं डायरेक्टर डॉ. वासुधा कपूर के दूरदर्शी नेतृत्व में गुरुकुल की यात्रा उद्यमिता की वास्तविक भावना को प्रतिबिंबित करती है। अवसरों की पहचान करना, नवाचार को अपनाना और विचारों को सार्थक परिणामों में बदलना इस यात्रा के प्रमुख आधार रहे हैं। अनुभवात्मक शिक्षण, प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग, नेतृत्व विकास, कौशल संवर्धन और संस्थागत साझेदारियों को प्रोत्साहित करते हुए गुरुकुल काशीपुर जैसे टियर-3 शहर के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नए अवसरों के द्वार खोल रहा है।

यह सम्मान केवल प्रबंधन की उपलब्धि नहीं, बल्कि समूचे गुरुकुल परिवार की सामूहिक सफलता है। प्रत्येक शिक्षक, प्रत्येक पहल और प्रत्येक शिक्षण अवसर ऐसे संस्थान के निर्माण में योगदान देता है, जो परंपरागत सीमाओं से आगे बढ़कर विद्यार्थियों को निरंतर बदलती दुनिया के लिए तैयार करता है।

यह उपलब्धि गुरुकुल के व्यापक उद्देश्य को भी सुदृढ़ करती है विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच विकसित करना, समस्या समाधान की क्षमता को प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मविश्वासी नवाचारकर्ता तथा जिम्मेदार भावी नेतृत्वकर्ता बनने के लिए सशक्त बनाना।

इस उपलब्धि पर विद्यालय नेतृत्व ने कहा, “यह सम्मान पूरे गुरुकुल परिवार का है। यह उस दूरदर्शी सोच का सम्मान है, जिसके साथ गुरुकुल की स्थापना हुई थी, और हमें उस दृष्टि को आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देता है। उद्यमिता केवल एक व्यवसाय स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सोच है कुछ अलग सोचने का साहस, पहल करने की तत्परता और विचारों को सार्थक प्रभाव में बदलने का दृढ़ संकल्प। हम अपने संस्थान में और विशेष रूप से प्रत्येक गुरुकुल विद्यार्थी के भीतर इस भावना को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
