काशीपुर। काशीपुर बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट यशवंत सिंह चौहान के खिलाफ थाना आईटीआई में दर्ज कराई गई एफआईआर को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बार एसोसिएशन ने इस मुकदमे को झूठे तथ्यों पर आधारित और अधिवक्ता समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए इसके विरोध में आम सभा बुलाने तथा न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है।
बार एसोसिएशन द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार, सचिव यशवंत चौहान के विरुद्ध दर्ज कराए गए मुकदमे को लेकर अधिवक्ताओं में गहरी नाराजगी व्याप्त है। संगठन का कहना है कि मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिसके चलते पूरे अधिवक्ता समाज में रोष है। इसी विषय पर विस्तृत चर्चा, विचार-विमर्श और आगे की रणनीति तय करने के लिए 1 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे बार भवन, काशीपुर में आम सभा आयोजित की गई। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि विरोध स्वरूप सभी अधिवक्ता न्यायालयों में न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे तथा रजिस्ट्री कार्यालय में भी कोई कार्य नहीं करेंगे। संगठन ने सभी अधिवक्ताओं से एकजुट होकर आम सभा में उपस्थित होने और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की है। बार एसोसिएशन ने न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों से भी अनुरोध किया है कि न्यायहित को ध्यान में रखते हुए किसी भी अधिवक्ता या पक्षकार के विरुद्ध कोई प्रतिकूल कार्रवाई या वारंट जारी न किया जाए तथा निष्पक्ष वातावरण बनाए रखने में सहयोग प्रदान किया जाए। बार पदाधिकारियों का कहना है कि अधिवक्ता समाज हमेशा कानून और न्याय व्यवस्था के सम्मान में कार्य करता आया है। ऐसे में यदि किसी अधिवक्ता के विरुद्ध झूठे तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाती है तो यह पूरे अधिवक्ता समाज की गरिमा का प्रश्न बन जाता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच, सत्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित किए जाने की मांग करता है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




