February 7, 2026

काशीपुर में आज किसान विकास क्लब के द्वारा मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। काशीपुर में मुरादाबाद रोड स्थित अनाज मंडी समिति के गेस्ट हाउस में किसान विकास क्लब की बैठक में क्लब के अध्यक्ष अरुण शर्मा समेत पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने शिरकत की। बैठक में किसानों की खेती से संबंधित समस्याओ पर विचार विमर्श करते हुए उनके समाधान पर भी चर्चा की गई। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए केवीके के प्रभारी डॉ. जितेमदर क्वात्रा ने बताया कि बैठक में किसानो ने बेमौसमी धान की खेती की समस्या बताई कि इसके बदले कौन सी खेती की जाए। इस सबंध में उनके द्वारा उक्त किसानों को धान के बदले में मक्का, चारे वाली मक्का, दाने वाली मक्का के अलावा इस क्षेत्र में मेंथा की खेती करने की सलाह दी गयी जिससे कि उन्हें फायदा हो। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली न जलाने की सलाह देते हुए बताया गया कि अब ऐसी मशीनें आ गईं हैं जिससे पराली और गोबर मिलाकर बायो गैस बनती है। मिट्टी की उपजाऊ कम हो रही क्षमता पर चिंता जताते हुए धान, गेहूं की फसल के अलावा दलहनी फसलों को उगाने की सलाह दी गयी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बैठक का मुख्य बिंदु भारत सरकार के द्वारा किये जा रहे प्रयास के बारे में बताया गया। जिसके तहत भारत सरकार के द्वारा पूरे देश मे दस हजार कृषक उत्पादक संगठन  (एफपीओ) बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर किसान ऐसे संगठन बनाकर अपनी खेती बाड़ी का काम करेंगे तथा अपनी फसल बेचेंगे तो उन्हें बहुत फायदा होगा। इसके लिए सरकार उनकी आर्थिक रूप से सहायता करती है। जिससे किसान भाई अपनी खेती किसानी के लिए बीज खरीदने के लिए, मशीनें खरीदने के लिए, खाद खरीदने के लिए उस पैसे का ओरयोग कर सकते हैं। 

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