February 7, 2026

टोक्यो में चल रहे ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन कर देश का सीना गर्व से चौड़ा करने वाली मीराबाई चानू को गोल्ड मेडल मिल सकता है। दरअसल, वेटलिफ्टिंग के 49 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाली चीन की खिलाड़ी झिहुई हाऊ का डोपिंग रोधी अधिकारियों द्वारा परीक्षण किया जाएगा। अगर वह इसमें पॉजिटव पाई जाती हैं तो भारत की मीराबाई चानू को गोल्ड मेडल दिया जाएगा। आपको बताते चलें कि टोक्यो ओलंपिक में बीते शनिवार को वेटलिफ्टिंग के 49 किलोग्राम भार वर्ग में चीन की खिलाड़ी झिहुई हाऊ ने 210 किलो का भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता था, जबकि इसी भर वर्ग में भारत की मीराबाई चानू ने इस इवेंट का 202 किलो भार उठाकर सिल्वर मेडल जीतकर टोक्यो ओलंपिक में देश को पहला पदक दिलाकर भारत को जश्न मनाने का मौका दिया। अब स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की भारोत्तोलक झिहुई हाऊ का डोपिंग रोधी अधिकारियों द्वारा परीक्षण किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक चीन की खिलाड़ी को उनके देश जाने से मना कर दिया गया है। उनसे कहा गया है कि जब तक डोपिंग टेस्ट का रिजल्ट नहीं आ जाता है, तब तक उन्हें टोक्यो में ही रुकना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ी मीराबाई चानू अपने देश के लिए रवाना हो गई हैं।

क्या कहते हैं नियम

नियम कहते हैं कि यदि कोई खिलाड़ी डोपिंग में फेल होता है और उसने कोई मेडल जीता है तो उसका मेडल उससे नीचे रहने वाले खिलाड़ी को दे दिया जाएगा. इसका मतलब यह हुआ है कि यदि चीन की खिलाड़ी डोपिंग टेस्ट में फेल होती हैं तो भारतीय खिलाड़ी चानू को उस इवेंट का गोल्ड मेडल दे दिया जाएगा। वहीं इस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली इंडोनेशिया की खिलाड़ी को सिल्वर मेडल मिल जाएगा और चौथे नंबर पर रही खिलाड़ी को इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल मिल जाएगा।

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