काशीपुर। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SIMT), काशीपुर में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को ‘युवा दृष्टि’ कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने, जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा अपने भविष्य के प्रति जागरुक और जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सही दिशा, अनुशासन, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री निखिलेश शांडिल्य, डीजीएम, अशोक लेलैंड उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन एड० डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से अपने जीवन और करियर के प्रति गंभीर रहने तथा अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्री निखिलेश शांडिल्य का परिचय प्रस्तुत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा का चुनाव करने, अपने उद्देश्यों के प्रति समर्पित रहने और प्रत्येक परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ प्रयास करना भी आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक समझ, निर्णय लेने की क्षमता और सीखने की निरंतर इच्छा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपनी रुचियों एवं योग्यताओं को पहचानकर भविष्य की योजनाएं बनाने तथा समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि असफलताओं को निराशा का कारण बनाने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आने वाली
भविष्य की योजनाएं बनाने तथा समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि असफलताओं को निराशा का कारण बनाने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आने वाली चुनौतियां व्यक्ति को अधिक सक्षम और अनुभवशील बनाती हैं।

इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार ने अपने आशीर्वचनों में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सकारात्मक सोच, अनुशासन, कठिन परिश्रम और स्पष्ट लक्ष्य का विशेष महत्व है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने निरंतर सीखने, अपने ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने और जीवन में आने वाले प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अमें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और बेहतर निर्णय लेने की योग्यता का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने ‘युवा दृष्टि’ जैसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. (प्रो.) योगराज सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच और व्यावहारिक ज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि ‘युवा दृष्टि’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्चल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है।इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष, फैक्लटी एवं स्टाफ के सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के महत्व को सराहा।’युवा दृष्टि’ कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई सोच विकसित करने, उनकी आंतरिक क्षमताओं को पहचानने तथा आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।
