काशीपुर:समाज सेवा, करुणा और मानवीय मूल्यों को शिक्षा का अभिन्न अंग मानते हुए रैयान इंटरनेशनल स्कूल, काशीपुर ने एक सराहनीय पहल की। विद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने शहर में स्थित एनजीओ ‘ख्वाहिश’ का भ्रमण किया, जहाँ जरूरतमंद एवं अनाथ बच्चों के साथ समय बिताकर उनके जीवन में खुशियों के कुछ अनमोल पल जोड़ने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय की ओर से बच्चों के लिए फल, कपड़े तथा दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही विद्यालय परिवार ने दान, चैरिटी एवं सदका के माध्यम से एकत्रित धनराशि भी जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए प्रदान की, ताकि उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में कुछ सहयोग मिल सके।

यह पहल केवल वस्तुओं और धनराशि के वितरण तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के हृदय में मानवता, सहानुभूति, उदारता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी था। विद्यालय का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील, जिम्मेदार और नेक इंसान बनाना भी है।
इस सेवा यात्रा ने विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद की सहायता करना केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी की परेशानी कम करना और किसी जरूरतमंद के जीवन में आशा की किरण जगाना ही सच्ची सेवा है।
रैयान इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री भुवनेश चंद्र कर्नाटक ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार, संवेदनशीलता और सेवा भाव विकसित करना है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्गों के प्रति सहयोग और सहानुभूति की भावना ही एक बेहतर एवं मानवीय समाज की नींव रखती है।
रैयान इंटरनेशनल स्कूल की यह पहल इस संदेश को साकार करती है कि सच्ची शिक्षा वही है, जो हमें केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और बेहतर इंसान भी बनाए।
