काशीपुर, 30 जुलाई:श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SIMT), काशीपुर के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सफल छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेषज्ञ व्याख्यान एवं विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के अंतर्गत उच्च शिक्षा में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष डॉ. एस. एस. कुशवाहा, प्राचार्य, SIMT रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय उच्च शिक्षा को बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा की नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP), अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC), लचीली डिग्री प्रणाली तथा परिणाम-आधारित शिक्षा (Outcome-Based Education) जैसे प्रावधान विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक सक्षम बना रहे हैं।
अपने व्याख्यान में डॉ. कुशवाहा ने विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति तथा इंडस्ट्री 4.0 एवं 5.0 से जुड़ी तकनीकों—जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस एवं ऑटोमेशन—के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने संस्थान में संचालित IIC एवं R&D गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार एवं शोध परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC), राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) तथा आउटकम बेस्ड एजुकेशन (OBE) के अनुरूप संस्थागत गुणवत्ता सुधार पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अकादमिक क्रेडिट, बहुविषयक अध्ययन, इंटर्नशिप, माइनर स्पेशलाइजेशन तथा करियर संभावनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
कार्यक्रम में 42 विद्यार्थियों तथा 25 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को समझते हुए नवाचार, अनुसंधान एवं कौशल विकास को अपने शैक्षणिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. एस. एस. कुशवाहा (IIC अध्यक्ष), श्री बलविंदर सिंह (IIC उपाध्यक्ष), डॉ. एम. एस. बोरा (IIC संयोजक), श्री पंकज तिवारी, डॉ. फराह नईम, श्री आशीष कुमार, श्री पंकज भट्ट एवं श्री बी. एस. लटवाल सहित IIC टीम का विशेष योगदान रहा।






