काशीपुर। दि गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल, काशीपुर में यश फाउंडेशन के सहयोग से “यंग लीडर्स प्रोग्राम” के द्वितीय चरण का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती उर्वशी बाली जी के संरक्षण में संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास, काशीपुर के लगभग 30 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह परियोजना यश फाउंडेशन, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड तथा दि गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसका संचालन विद्यालय की छात्र परिषद के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के साथ हुआ, जिसके पश्चात छात्र परिषद के सदस्यों ने स्वागत संदेश, प्रेरणादायक विचार और उत्साहवर्धक वक्तव्य प्रस्तुत किए।
इसके बाद मनोरंजक आइस ब्रेकिंग गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को एक दूसरे से परिचित होने और सहजतापूर्वक संवाद करने का अवसर मिला। बच्चों को प्रभावी संवाद, शिष्टाचार और अच्छे व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण बातें सिखाई गईं। इनमें उचित अभिवादन, नेत्र संपर्क, सही शारीरिक मुद्रा, स्पष्ट एवं आत्मविश्वासपूर्ण वाणी, आवाज के उचित उतार चढ़ाव तथा ‘कृपया’, ‘धन्यवाद’ और ‘क्षमा कीजिए’ जैसे विनम्र शब्दों के प्रयोग का अभ्यास शामिल था।
कार्यक्रम के दौरान उपहार निर्माण, गिफ्ट रैपिंग तथा सुंदर राखी बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों ने इन गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
भोजन के समय विद्यालय के विद्यार्थियों ने उन्हें स्वच्छता, व्यवस्थित ढंग से भोजन करने तथा अपने आसपास सफाई बनाए रखने का महत्व समझाया। सभी बच्चों ने इन बातों का अनुशासित रूप से पालन किया।
यह कार्यक्रम केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं था, बल्कि विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण शिक्षण अनुभव सिद्ध हुआ। बच्चों के साथ संवाद करते हुए उनमें सहानुभूति, विनम्रता, कृतज्ञता, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हुई। छात्र नेतृत्व में आयोजित होने के कारण कार्यक्रम ने उनके नेतृत्व, संवाद, टीमवर्क, योजना निर्माण और समस्या समाधान कौशल को भी सुदृढ़ किया।
विद्यालय का मानना है कि सच्चा नेतृत्व केवल किसी पद, बैज या उपाधि से नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, क्षमताओं और अवसरों का उपयोग दूसरों की सहायता के लिए करने से परिभाषित होता है। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ते देखकर विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने परिवार, शिक्षा, संसाधनों और उपलब्ध अवसरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
विद्यालय ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल व्यक्तियों का निर्माण करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, उत्तरदायी और अच्छे इंसानों को तैयार करना भी है। समाज को वापस देने की भावना और दूसरों के जीवन में सकारात्मक योगदान करने की सोच ही विद्यार्थियों को भविष्य के सच्चे नेतृत्व के लिए तैयार करती है। ऐसे प्रयास स्वामी विवेकानंद के सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय ने श्रीमती उर्वशी बाली जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विद्यालय को इस सार्थक पहल से जुड़ने और छात्रावास के बच्चों के साथ कार्य करने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय उनके सहयोग और विश्वास के लिए हृदय से कृतज्ञ है। यह कार्यक्रम केवल एक अवसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। विद्यालय, श्रीमती उर्वशी बाली जी और यश फाउंडेशन के साथ दीर्घकालिक सहयोग के माध्यम से छात्रावास के बच्चों के बेहतर, उज्ज्वल और सशक्त भविष्य में अपना निरंतर योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विद्यालय की चेयरपर्सन श्रीमती चंपा कपूर, चेयरमैन डॉ. नीरज कपूर, डायरेक्टर डॉ. वसुधा कपूर, प्रधानाचार्या श्रीमती मीनल बधवार, संयुक्त प्रबंध निदेशिका सुश्री कामाक्षी कपूर, उप प्रधानाचार्या श्रीमती शुभांगी शर्मा, हेड ऑफ एक्टिविटीज श्रीमती ऋषु कुमारी तथा विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।






