काशीपुर। काशीपुर मीडिया सेंटर द्वारा आयोजित “जनहित संवाद” कार्यक्रम के सफल, गरिमामय एवं यादगार आयोजन के उपरांत मीडिया सेंटर ने कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने वाले सभी अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा पत्रकारों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। मीडिया सेंटर की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारों और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करना तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम को सभी वर्गों का भरपूर सहयोग और सहभागिता प्राप्त हुई, जिससे यह आयोजन पूरी गरिमा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। काशीपुर मीडिया सेंटर ने विशेष रूप से अपने अध्यक्ष दिलप्रीत सेठी को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वक्तव्य में कहा गया कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट समन्वय, सकारात्मक सोच और अथक प्रयासों ने कार्यक्रम को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पत्रकारों को एक मजबूत एवं सम्मानजनक मंच पर जोड़ने का कार्य किया। उनके नेतृत्व में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम पत्रकारिता और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। मीडिया सेंटर ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर सिंह, तहसीलदार पंकज चंदोला, काशीपुर कोतवाली प्रभारी हरेंद्र चौधरी, आईटीआई थाना प्रभारी विक्रम राठौर, कुंडा थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार, एआरटीओ संदीप वर्मा भाजपा नेता गुरविंदर सिंह चंडोक सहित सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों, विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा समाजसेवियों के योगदान की भी सराहना की गई। वक्तव्य में कहा गया कि सभी के सहयोग, स्नेह और विश्वास ने इस आयोजन को केवल सफल ही नहीं बनाया, बल्कि जनहित, पारदर्शिता और सकारात्मक पत्रकारिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्थापित किया। काशीपुर मीडिया सेंटर ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रशासन, पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच इसी प्रकार रचनात्मक संवाद और सहयोग का वातावरण बना रहेगा। ऐसे आयोजन जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने तथा समाज और प्रशासन के बीच विश्वास को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।





