March 24, 2026

ख़बर प्रवाह (14 जनवरी, 2023)

दक्षिणायन से उत्तरायण में आज से सूर्य भगवान के प्रवेश करने का पर्व मकर संक्रान्ति जहां केरल में पोंगल के रुप में मनाया जाता है तो वहीं उत्तर भारत में यह पर्व उत्तरायणी पर्व के रुप में मनाया जाता है। देश के उत्तर भारत में आज मकर संक्रांति का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड में जगह-जगह उत्तरायणी मेले का आयोजन किया गया। काशीपुर में भी इस मौके पर मां चामुंडा देवी मंदिर परिसर में हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्तरायणी मेला महोत्सव का आयोजन किया गया। मां चामुंडा देवी मंदिर परिसर में आयोजित उत्तरायणी मकर संक्रांति मेले में हल्द्वानी से आये कलाकारों के साथ स्थानीय विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों के साथ साथ स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

आपको बताते चलें कि बीते 2 वर्षों से कोरोना वैश्विक महामारी के चलते उत्तरायणी मेले का आयोजन नहीं किया गया था। उत्तरायणी मेला महोत्सव समिति काशीपुर द्वारा आयोजित मकर संक्रांति मेले का शुभारंभ सुबह 8:00 बजे मुख्य यजमान पंडा विकास अग्निहोत्री द्वारा पूजा के उपरांत किया गया। मेले का शुभारंभ दोपहर 12:00 बजे उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश चंद्र गहतोड़ी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके उपरान्त एंपण व रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रंगोली प्रतियोगिता में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की रंगोली सभी के द्वारा सराही गयी। हल्द्वानी से पहुंची उपमा कल्चरल आर्ट्स व बलराम प्रजापति एण्ड पार्टी काशीपुर के कलाकारों के अलावा स्थानीय बच्चों के द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। जिनमें पंजाबी, राजस्थानी, कुमाऊंनी, गढ़वाली व हरियाणवी भाषाओं के कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा भुवनराम एन्ड पार्टी के छोलिया नृतकों के साथ लोगों ने नाच गाकर मेले का आनंद लिया। मेले में खान-पान के स्टाॅल पर जबरदस्त भीड़ मौजूद रही। मेले के आयोजक पंडित पूरन चंद्र कांडपाल ने बताया कि 2 साल से कोरोना महामारी के चलते इस मेले का आयोजन नहीं हो पाया था इस बार आयोजित इस मेले में हल्द्वानी से उपमा कल्चरल आर्ट्स के आए कलाकारों के द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय बलराम प्रजापति एंड पार्टी के अलावा आधा दर्जन स्कूलों तथा पास की कॉलोनियों के कलाकारों के द्वारा भी रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जा रही है।

हल्द्वानी के उपमा कल्चरल आर्ट्स की कलाकार रीता कार्की ने बताया कि उनकी टीम के द्वारा अब तक दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, पंजाब एवं गुजरात सहित अनेक शहरों में अपनी प्रस्तुति दी है। आज उनके द्वारा काशीपुर में उत्तरायणी मेले में प्रस्तुति देने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को देश-विदेश में उनकी टीम के द्वारा फैलाया एवं प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने काशीपुर कि मकर संक्रांति मेले के आयोजक टीम का भी धन्यवाद अदा किया जिन्होंने उन्हें इस कार्यक्रम में आमंत्रित कर उनकी संस्कृति को प्रचारित एवं प्रसारित करने का अवसर दिया। वह इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करने पहुंचे उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किये जाते रहना चाहिए।

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