काशीपुर। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SIMT), काशीपुर के प्रबंधन विभाग द्वारा विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान एवं औद्योगिक समझ को विकसित करने के उद्देश्य से एमबीए प्रथम व द्वितीय वर्ष तथा बीबीए तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों का औद्योगिक भ्रमण सूर्या रोशनी लिमिटेड, मुरादाबाद रोड, काशीपुर में आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से जोडना तथा उद्योग जगत की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों का स्वागत सूर्या रोशनी लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया। कंपनी की ओर से श्री सुरेश कुशवाहा (वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी), श्री जितेन्द्र रावत (सहायक अधिकारी, मानव संसाधन एवं प्रशासन) तथा श्री धीरज राजपूत (अनुसंधान एवं विकास विभाग) ने विद्यार्थियों को कंपनी के विभिन्न विभागों, उत्पादन प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, सुरक्षा मानकों तथा संगठनात्मक संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
विद्यार्थियों को कंपनी के उत्पादन इकाइयों का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने कच्चे माल से तैयार उत्पाद बनने तक की संपूर्ण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी उद्योग की सफलता के लिए गुणवत्ता, समय प्रबंधन, तकनीकी दक्षता तथा टीमवर्क अत्यंत
महत्वपूर्ण होते हैं। विद्यार्थियों ने उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग की जाने वाली आधुनिक मशीनों, उपकरणों एवं नवीन तकनीकों को भी निकट से देखा और उनके संबंध में अपने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
श्रीराम संस्थान की ओर से सुश्री अंजलि नायर (सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन एवं अध्ययन विभाग), सुश्री सुनीता रावत (सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन एवं अध्ययन विभाग) एवं श्री प्रतीक भारद्वाज विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करने तथा उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर श्रीराम संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक कौशल तथा रोजगार क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्रीराम संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) योगराज सिंह ने कहा कि श्रीराम इंस्टीट्यूट सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों से जोड़ने के लिए प्रयासरत रहता है। उन्होंने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।
प्राचार्य डॉ. एस. एस. कुशवाहा ने कहा कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे विद्यार्थियों को उद्योगों की कार्य संस्कृति, प्रबंधन प्रणाली, उत्पादन तकनीकों तथा संगठनात्मक व्यवहार को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।









