September 21, 2026
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अधिवक्ता संजय रुहेला

संजय रुहेला,अधिवक्ता,काशीपुर:न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर द्वारा प्रकरण संख्या 134/2026 में पारित आदेश के बाद थाना आई.टी.आई., काशीपुर पुलिस को प्रार्थी की शिकायत पर धारा 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की विवेचना करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रार्थी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता संजय रुहेला ने बताया कि प्रार्थना पत्र में प्रार्थी ने आरोप लगाया था कि उसके पुत्र उदय सरकार, प्रार्थी व प्रार्थी की बीवी गीता व प्रार्थी की पुत्री किरन सरकार के ऊपर विरुद्ध अंजली पुत्री राजेंद्र सिंह नामक महिला द्वारा घरेलू हिंसा से संबंधित मुकदमा दर्ज कराया गया था। प्रार्थी को न्यायालय से नोटिस मिलने के बाद जब मामले की जानकारी की गई तो उसे कथित रूप से पता चला कि अंजली ने स्वयं को उदय सरकार की बीवी बताते उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि अंजली व उसके भाई विशाल ठाकुर व उसके पिता राजेंद्र ठाकुर, व उसके सहयोगी आरोही पुत्री अमेंद्र कुमार निवासी जाफराबाद शेरकोट बिजनौर ब पूजा पांडे पत्नी साहिल चंद्र उर्फ शुभांशु कुमार, साहिल चंद्रा उर्फ शुभांशु कुमार पुत्र हरीश कुमार निवासी वार्ड नंबर 9 गदरपुर हाल निवासी गढ़वाल सभा काशीपुर जिला उधम सिंह नगर ने अंजली नाम की उक्त युवती से मुकदमा दर्ज कराया है,इस गिरोह के लोग भोले-भाले एवं सीधे-साधे लोगों, विशेषकर कम उम्र के युवाओं को अपने जाल में फँसाकर बाद में उन्हें झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है तथा मोटी रकम की मांग की जाती है।
प्रार्थी के अनुसार, अंजली एवं उसके साथियों द्वारा उससे भी कथित रूप से दस लाख रुपये की अवैध मांग की गई तथा रकम नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फँसाने और जान से मारने तक की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि अंजली एवं उसके साथियों के संबंध में पूर्व में भी अन्य लोगों को कथित रूप से फँसाकर अवैध राशि की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रार्थी ने इस संबंध में दिनांक 08.05.2026 को थाना आई.टी.आई. में रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु तहरीर दी थी। रिपोर्ट दर्ज न होने पर 26.05.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधम सिंह नगर को पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजा गया तथा मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई, लेकिन प्रार्थी के अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश में यह भी उल्लेखित है कि प्रार्थी द्वारा अपने आरोपों के समर्थन में प्रार्थना पत्र की प्रतियां, मेडिकल संबंधी दस्तावेज, डाक रसीद तथा आधार कार्ड की प्रति आदि प्रस्तुत किए गए।
प्रार्थी का कहना है कि इन परिस्थितियों की वास्तविकता निष्पक्ष पुलिस विवेचना से ही सामने आ सकती है।

अधिवक्ता संजय रुहेला ने कहा कि न्यायालय ने शिकायत में लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध दस्तावेजों को देखते हुए मामले की जांच आवश्यक समझी है। अब पुलिस को मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करनी है।

अधिवक्ता संजय रुहेला के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश का आदेश पारित किया है

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