
काशीपुर:एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अनुपम शर्मा ने जिला चंपावत में हुई दिल दहला देने वाली सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना पूरे उत्तराखंड को शर्मसार करने वाली है। दिनदहाड़े एक बालिका के साथ कई युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की भयावह स्थिति को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के महिला सुरक्षा संबंधी दावों की पूरी तरह पोल खोलने वाली घटना है।
अनुपम शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री के अपने कार्यक्षेत्र में यदि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति कैसी होगी। उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यमंत्री को “धाकड़ धामी” कहकर प्रचारित करते हैं, आज वही जनता से आंख मिलाने की स्थिति में नहीं हैं। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर मुख्यमंत्री के क्षेत्र में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भाजपा सरकार के पास क्या जवाब है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी संस्कृति, मर्यादा और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन आज अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े इस प्रकार की जघन्य घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इससे साफ है कि अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है और सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
अनुपम शर्मा ने कहा कि प्रदेश की माताएं, बहनें और बेटियां आज भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। सरकार केवल विज्ञापनों और भाषणों में महिला सुरक्षा की बातें कर रही है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रखेगी। उत्तराखंड की जनता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कार्रवाई देखना चाहती हैं।



