काशीपुर/उत्तराखंड। वर्ष 2026 में बढ़ती गर्मी और ‘लू’ (हीटवेव) का असर अब आमजन के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के कारण लोगों में कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह गर्मी केवल असुविधा नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रजनीश कुमार शर्मा ने बताया कि लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे ‘हीट स्ट्रोक’ जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है।उन्होंने बताया कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, अत्यधिक पसीना या पसीना बंद हो जाना, त्वचा का लाल और सूखा होना शामिल हैं। कई मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है, जो बेहद गंभीर संकेत है।
डॉ. शर्मा के अनुसार, इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा शरीर को ढककर रखें।
उन्होंने आगे बताया कि शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, साथ ही नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन करें। धूप में निकलते समय सिर पर टोपी या गमछा अवश्य रखें और आंखों को धूप से बचाने के लिए चश्मे का उपयोग करें।
डॉ.रजनीश कुमार शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत उपचार दिलाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे गर्मी के इस प्रकोप को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियां अपनाकर खुद को सुरक्षित रखें।


