August 21, 2026
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सुदर्शन समाचार ब्यूरो

रूद्रपुर 19 मई, 2026 (सू.वि.)- जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने सीएम घोषणा, जिला योजना, आजीविका एवं रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा 25 सूत्रीय कार्यक्रम की जिला सभागार में समीक्षा बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होनेे कहा कि जनपद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुल 399 घोषणाएं की गयी है, जिसमे से 155 घोषणाएं पूर्ण की जा चुकी हैं, मात्र 24 घोषणाएं जनपद स्तर पर लम्बित है शेष घोषणाएं विभिन्न स्तरों पर गतिमान हैं।
       जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर लंबित 24 घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होने रुद्रपुर में बंग भवन, खेड़ा मंे पर्यावरण मित्रों के लिए आवास निर्माण हेतु चिन्हित भूिम पर सात दिन में डीपीआर तैयार करने के निर्देश नगर आयुक्त को दिये साथ मानसखंड कॉरिडोर के अन्तर्गत शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य हेतु डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी नगर आयुक्त को दिए गए। उन्होने ग्रामीण निर्माण विभाग को शीघ्र तीन ग्रामीण सड़कों के डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
        जिलाधिकारी ने जसपुर एवं खटीमा में अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर निर्माण हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही सितारगंज स्थित शक्तिफार्म राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान बनाने व खटीमा के टीडीसी परिसर में खेल मैदान निर्माण के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश जिला युवा कल्याण अधिकारी को दिये।
       25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने लक्ष्यों की प्रगति में तेजी लाते हुए आवश्यक आंकड़े एवं प्रगति विवरण समयबद्ध रूप से जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से कार्य सुनिश्चित करें।
      इसके उपरांत जिलाधिकारी ने देशभर में नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के अंतर्गत जनपद में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संगठित एवं वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होने मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के मानकों के अनुरूप जनपद का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कराया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों, जिला पंचायत तथा समस्त ग्राम पंचायतों को क्लस्टर आधारित मॉडल पर जोड़ते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें।
       पीडी हिमाशु जोशी ने बताया कि जनपद में 373 ग्राम पंचायतें है जिनमे 10 से 12 हजार की आबादी पर एक क्लस्टर बनाया जाएगा तथा जनपद में 78 से अधिक क्लस्टर विकसित किए जाने की योजना है। इन क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा संग्रहण, पृथकरण, परिवहन एवं निस्तारण की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
       जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य संचालित है, अब इसी व्यवस्था का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक किया जाना है। ग्राम पंचायत, नगर पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर कूड़ा प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, साथ ही शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि कार्यों की प्रभावी निगरानी हेतु जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जायेगा तथा तहसील स्तर पर भी मॉनिटरिंग सेल गठित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को जनपद में एक प्रभावी एवं दीर्घकालिक व्यवस्था के रूप में लागू करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
      बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गणेश दत्त भट्ट, जिला पंचायतराज अधिकारी विद्यासिंह सोमनाल आदि उपस्थित थे।

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