हिमांचल प्रदेश से पधारे बैंक कर्मियों ने किया कार्यक्रम में प्रतिभाग
काशीपुर, 26.10.26:श्रीराम संस्थान, काशीपुर में “Rural Bank Customer Satisfaction & Delightness” विषय पर हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक एवं पीएनबी मेटलाइफ के कर्मचारियों के लिए प्रबंधन विकास कार्यक्रम (Management Development Program) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों की संतुष्टि, बेहतर सेवा, प्रभावी संवाद एवं ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को विकसित करना था।
कार्यकम का शुभारम्भ विशिष्ट अतिथि श्री मंजीत सिंह गठानिया, सीनियर मैनेजर, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, श्री हरेंद्र सिंह, रीजनल हेड, पीएनबी मेटलाइफ, श्री हेमंत मिश्रा, सीनियर अकाउंट मैनेजर, पीएनबी मेटलाइफ, हिमाचल प्रदेश, संस्थान के अध्यक्ष श्री रविंद्र कुमार तथा निदेशक प्रो. डॉ. योगराज सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का आरम्भ संस्थान के अध्यक्ष श्री रविंद्र कुमार के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि बदलते व्यावसायिक परिवेश में निरंतर सीखना, नई कार्यप्रणालियों को अपनाना और चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को अपने अनुभव साझा करने, नए विचारों को समझने तथा कार्यस्थल पर अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सुदूर राज्य से आये अतिथियों को धन्यवाद कि उन्होंने अपने कार्यक्रम के लिए श्रीराम संस्थान जैसे शिक्षा में अग्रणी इंस्टिट्यूट को चुना।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रबंधन विभाग के सहायक प्रोफेसर श्री कुलदीप गोस्वामी ने किया। उन्होंने पीपीटी प्रेजेंटेशन, रोल प्ले, केस स्टडी, वास्तविक जीवन के उदाहरणों एवं समूह गतिविधियों के माध्यम से ग्राहकों की अपेक्षाओं को समझने और उन्हें बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के व्यावहारिक तरीके समझाए। संवादात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति ने सत्र को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. योगराज सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में ग्राहकों की संतुष्टि एवं विश्वास किसी भी संस्थान की सफलता के प्रमुख आधार हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें बेहतर ग्राहक सेवा एवं प्रभावी संवाद के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण सत्र में दोनों संस्थानों के कुल 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने अपने सम्बोधन में संस्थान को इस शानदार कार्यक्रम के आयोजन के लिए सहृदय धन्यवाद देते हुए आयोजन की प्रशंशा की।
यह कार्यक्रम उद्योग एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने तथा बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं में ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।
