रामनगर-तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटो जोन में जंगल सफारी के दौरान बाघ के बेहद करीब जिप्सी ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित जिप्सी चालक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि जिप्सी का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि 11 जून की शाम की पाली में फाटो जोन में सफारी के दौरान एक जिप्सी चालक बाघ के काफी करीब पहुंच गया। जिप्सी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाघ को रास्ते से हटना पड़ा। यदि बाघ समय रहते नहीं हटता तो उसके जिप्सी की चपेट में आने की आशंका थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच में जिप्सी चालक की पहचान रामनगर निवासी के रूप में हुई। नियमों के उल्लंघन और वन्यजीवों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में चालक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही संबंधित जिप्सी का पंजीकरण भी रद्द कर दिया गया है।
डीएफओ ने कहा कि जंगल सफारी के दौरान बाघ या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर निर्धारित दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने पर्यटकों और वाहन चालकों से वन विभाग के नियमों का पालन करने और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।






