February 7, 2026

ख़बर प्रवाह (30 अक्टूबर, 2022)

पूर्वांचल का सबसे प्रचलित त्यौहार छठ पूजा का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर छठ पूजा के मौके पर महिलाओं ने छठ मैया और डूबते सूर्य की उपासना की।

दरअसल इस त्यौहार में सुहागिन महिलाएं अपने घर व परिवार की खुशहाली के लिए छठ माता का व्रत करती हैं और डूबते हुए सूर्य देवता को तथा अगली सुबह उगते सूर्य देवता को जल का अर्घ्य देकर अपने परिवार की खुशहाली की मनोकामना करती हैं। पूर्वांचल के लोगों के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व छठ पूजा इतना प्रसिद्ध त्यौहार है कि लोग इसे दीपावली व ईद जैसे त्यौहार से कम नहीं समझते हैं। यह छठ पूजा का त्यौहार सतयुग की कहानी बयां करता है जोकि कृतिका माता की छः बहनों का वर्णन करता है और कृतिका माता को ही छठ माता कहा जाता है जिनकी कि इस त्यौहार में पूजा अर्चना की जाती है। इस त्यौहार में महिलाएं जल में खडे होकर छिपते सूर्य देवता को अर्घ्य देकर निर्जल व्रत शुरू करती हैं तथा उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना निर्जल व्रत खोलती हैं और अपने बच्चों तथा अपने परिवार की खुशहाली की मनोकामना छठ माता तथा सूर्य भगवान से करती हैं। वहीं श्रद्धालु ऐसा मानते हैं कि इस व्रत को सच्चे भाव तथा विधि विधान से करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। काशीपुर में आठ स्थानों पर छठ पूजा महोत्सव मनाया जाता है जिनमें मोटेश्वर महादेव मंदिर, श्याम पुरम पुलिया, आईजीएल मोड़, सूत मिल कॉलोनी कैंपस, शुगर फैक्ट्री कैंपस, कुंडेश्वरी चौराहा, बसई चौक एवं तीर्थ द्रोणा सागर शामिल है। मोटेश्वर महादेव मंदिर के निकट महादेव नहर के किनारे 37 वां छठ महोत्सव मनाया गया, जिसमें बागेश्वर के विधायक और पुष्कर सिंह धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री के तौर पर परिवहन समाज कल्याण मंत्रालय संभाल रहे चंदन राम दास ने तथा चम्पावत के पूर्व विधायक और वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान भाजपा नेता दीपक बाली, नगर निगम मेयर ऊषा चौधरी ने शिरकत की। अपने व अपने परिवार की खुशहाली के लिए तथा परिवार में आने वाले दुख को दूर करने के लिए छठी मैया से प्रार्थना करने के उद्देश्य से यह व्रत रखा जाता है।

इस मौके पर मुख्य अतिथि चंदन रामदास ने मीडिया से बात करते हुए पूर्वांचल के सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बहुत ही कठिन व्रत है तथा मैं सब लोगों को शुभकामना देते हुए सूर्य भगवान से सभी के दुःख दूर करते हुए सबके घर मे धन धान्य और सुख शांति की कामना करता हूँ। उन्होंने कहा कि आयोजन समिति के द्वारा छठ पूजा घाट को सुंदर एवं भव्य बनाने के लिए तीन मांगों का प्रस्ताव दिया है जिसे कि वह मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री से मिलकर पूरा करने की कोशिश करते हुए धनराशि स्वीकृत करवाएंगे। वहीं चंपावत के पूर्व विधायक उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी ने क्षेत्रवासियों को मंगलपर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व तीन दिन चलता है मेरा सौभाग्य है कि मैं हर वर्ष इस कार्यक्रम में शिरकत करता हूँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *