सरकार द्वारा जीएसटी के मानकों में वृद्धि के विरोध में आज काशीपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में व्यापारियों ने जीएसटी विभाग का पुतला दहन किया। इस दौरान उन्होंने बढ़ी दरें वापस नहीं लेने की दशा में वृहद आन्दोलन करने की चेतावनी दी है।
काशीपुर में आज प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष प्रभात साहनी के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में व्यापारी महाराणा प्रताप चौक पर एकत्र हुए तथा इस दौरान उन्होंने जीएसटी विभाग का पुतला दहन किया। इस दौरान आक्रोशित व्यापारियों ने कहा कि क्रेंद सरकार द्वारा दूध दही लस्सी आदि में 5% gst लगा दिया है, जिससे आज आम जन का जीना मुश्किल हो गया है। जहाँ पूरा देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है वहाँ क्रेन्द्र सरकार द्वारा चार्ट, मेप व होटल में 1000 रुपये से नीचे के कमरों में 12% जीएसटी लगा दिया गया है। वही चैक बुक,टेट्रा पैक वाले उत्पादों, led लाइट,led लेम्प,ब्लेड,पेपर,कैची, पेन्सिल, शार्पनर,चमच,केक सर्वर, प्रिटिंग,राइडिंग और ड्रॉईंग इंक पर भी gst 12% से बड़ा कर 18% कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश नोटबन्दी,gst, कोरोना,आर्थिक मंदी के कारण अत्यधिक प्रभावित हुआ है ऐसे में सरकार को राहत देने की जरूरत थी! जबकि सरकार द्वारा और gst बड़ा कर आम जन की क़मर तोड़ने की कोशिश की जा रही हैं। आज आर्थिक मंदी के दौर में जहाँ व्यापारियों का जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष प्रभात साहनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 1 जुलाई 2017 को जब केंद्र सरकार के द्वारा जीएसटी लगाई गई थी और राज्य सरकारों को आश्वासन दिया गया था कि 5 साल तक आईसीजीएसटी का वहन केंद्र सरकार करेगी लेकिन अब एक जुलाई 2022 को यह समय अवधि समाप्त हो चुकी है। जिसकी वजह से राज्य सरकार पर ₹5000 रुपए के वहन करने का भार पड़ रहा है जो कि राज्य सरकारों के द्वारा व्यापारियों से वसूला जाना है। इसी वसूली को लेकर जीएसटी विभाग के द्वारा सर्वे चलाया जा रहा है। जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में यह सर्वे नहीं हो रहा है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस सर्वे को खत्म करने तथा आय के नए साधन खोजने और व्यापारियों पर बेवजह जीएसटी नहीं लगाने की मांग की।






