February 7, 2026

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मजिस्ट्रेट के आदेश पर चोरी व लूट के वाहन खरीदने के मामले में 2 दर्जन से अधिक मुकदमों के आरोपी की करोड़ो की लागत वाली कोठी जब्त कर ली। पुलिस द्वारा जब्त कोठी की कीमत लगभग 4 करोड़ 10 लाख रुपये बतायी जा रही है। हालांकि आरोपी हाजी गल्ला गैंगेस्टर के मामले में मेरठ जेल में बंद है। वहीं उसके चारों बेटे भी जेल में बंद है।

मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के सोतीगंज का रहने वाले 60 वर्षीय हाजी नईम उर्फ गल्ला के कुछ समय पहले तक 6 गोदाम थे। इन गोदामों में चोरी व लूट के वाहन काटे जाते थे। गल्ला के खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज हैं। गल्ला की सोतीगंज व सदर में दो मकान हैं। एएसपी मेरठ सूरज राय ने बताया कि हाजी नईम ने 2016 में देहलीगेट थाना क्षेत्र के पटेलनगर में 353 वर्ग गज में 3 मंजिला आलीशान कोठी सवा 2 करोड़ रुपए में खरीदी थी। इस समय पटेल नगर की इस कोठी की कीमत सरकारी तौर पर 4 करोड़ 10 लाख रुपए है। गल्ला के खिलाफ मुकदमे में विवेचना की गई तो जांच में सामने आया कि गल्ला ने अपने गिरोह के साथ मिलकर चोरी के वाहन काटने से अवैध संपत्ति अर्जित करते हुए इस कोठी को खरीदा है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया की मजिस्ट्रेट के आदेश पर हाजी नईम उर्फ गल्ला की कोठी को जब्त किया गया है। इस संपत्ति को सरकार से अटैच कर दिया गया है। पूर्व में दर्ज मुकदमे की विवेचना में सामने आया की हाजी नईम ने अवैध तरीके से धन अर्जित कर संपत्ति खरीदी। पूरे प्रकरण में पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। मेरठ के एएसपी मेरठ (IPS) सूरज राय भारी फोर्स के साथ पटेल नगर पहुंचे। उनके साथ 5 थानों के इंस्पेक्टर व 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी थे। उसमें 3 सीओ व मजिस्ट्रेट भी शामिल थे। एएसपी सूरज राय ने लाउड स्पीकर से एनाउंस किया कि हाजी नईम उर्फ गल्ला इसके खिलाफ 30 से ज्यादा मुकदमे हैं। यह वाहन काटने और वाहन चोरी का काम करता है। इसके खिलाफ जो मुकदमा है, उसमें पता चला कि पटेल नगर की यह कोठी अपराध करके अवैध रूप से अर्जित की है। जिलाधिकारी के आदेश पर इसे कुर्क किया जाता है। इस संपत्ति का कोई भी क्रय व विक्रय नहीं कर सकता।

कभी अफसरों के ट्रांसफर की धमकी देता था गल्ला

वर्ष 2017 से पहले पुलिस ने गल्ला के घर कभी दबिश नहीं दी थी। गल्ला सत्ताधारी नेताओं से साठगांठ रखता था। मेरठ के सोतीगंज में 500 से ज्यादा दुकान कबाड़ियों की हैं। सपा सरकार में गल्ला ने एक मंत्री से साठगांठ कर रात में ही इंस्पेक्टर और एक उच्च अधिकारी का ट्रांसफर करा दिया था।

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