February 7, 2026

उत्तराखंड की मित्र पुलिस अब आम जनता तो दूर बल्कि पत्रकारों के लिए भी दुश्मन बनती जा रही है। उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस के दावे करने वाली भाजपा सरकार में पत्रकारों पर शोषण अभद्रता ओर फर्जी मुकदमे जैसे मामले लगातार सामने आते जा रहे हैं। कभी माफियाओं द्वारा पत्रकारों से साथ मारपीट का मामले तो कभी पुलिस द्वारा पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे और पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार अभद्रता जैसे मामले सामने आने अब आम से हो गए। ताजा मामला उधम सिंह नगर के रुद्रपुर के सिडकुल चौकी क्षेत्र का मामला है। जहां दो पक्षों के मारपीट के एक मामले को कवरेज करने के लिए रुद्रपुर के कुछ पत्रकार पहुंचे जिनके साथ अभद्रता की गई। उन्हीं में से एक वरिष्ठ पत्रकार भरत शाह ने अपने फेसबुक वॉल पर जो लिखा उसके मुताबिक—-

मित्रों… सिडकुल पुलिस चौकी में जो आज हुआ मैं आप लोगों से बयां करना चाहता हूं दो पक्षों की लड़ाई की जानकारी मिलने के बाद मैं सिडकुल चौकी में कवरेज के सिलसिले में गया था इस दौरान एक पक्ष द्वारा पुलिस की मौजूदगी में मेरे साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई जब मैंने इस संबंध में सिडकुल पुलिस चौकी को तहरीर देने की कोशिश की तो उन्होंने मुझे और मेरे समर्थन में आये पत्रकार साथियो को लाठी के बल पर भगा दिया और हमारा मुकदमा कायम नहीं किया मारपीट के दौरान मेरे हाथ और पैर में चोट भी आई है जिसका मेडिकल मेरे पास उपलब्ध है।

घटना की सूचना ज़िले भर के पत्रकारों में आग की तरह फैल गयी। रुद्रपुर में जहां आज पुलिस के खिलाफ पत्रकारों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। वहीं काशीपुर के मीडिया सेंटर के समस्त पदाधिकारियों ने अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने उत्तराखंड पुलिस के मुखिया अशोक कुमार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नाम ज्ञापन भी सौंपा। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष शिव अरोरा भी धरना स्थल पहुँचे और मुकदमा खत्म किये जाने का आश्वासन दिया।

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