आम आदमी पार्टी द्वारा निकाली गई किसान न्याय यात्रा का 30 दिसंबर को खटीमा विधानसभा में समापन हो गया। किसानों के हित मे निकली इस यात्रा को पार्टी प्रवक्ता संगीता शर्मा ने जन संघर्ष का आगाज करार दिया। सुश्री शर्मा ने बताया कि 2 दिन चली यह किसान यात्रा 29 दिसंबर से जसपुर विधानसभा से शुरू हुई जो काशीपुर, रुद्रपुर, किच्छा और सितारगंज से नानकमत्ता होती हुई खटीमा विधानसभा में संपन्न हुई। इस यात्रा में आम आदमी पार्टी के संगरूर सांसद भगवंत मान ने हिस्सा लिया। उनकी इस यात्रा में सैकड़ों किसानों ने उनका हर विधानसभा में स्वागत किया। दूसरे दिन की यात्रा रुद्रपुर विधानसभा से शुरू हुई जहां सैकड़ों कार्यकर्ता इस किसान यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा किच्छा और सितारगंज तक पहुंची यहां मौजूद किसानों और कार्यकर्ताओं ने सांसद भगवत मान का गर्मजोशी से स्वागत किया। भगवंत मान ने कहा कि आप पार्टी तीनों किसान बिलो का पूर्ण रुप से विरोध करती है। यह किसान बिल किसानों के अस्तित्व को खत्म कर देंगे। आज केंद्र सरकार जबरदस्ती किसानों को इन बिलों के अधीन करना चाह रही है। इन बिलों से जहां किसानों को दिक्कतें आएंगी वही अपनी ही जमीनों पर किसान बंधक बन मजदूर बन कर रह जाएंगे।

उन्होंने कहा कि किसान चाहे उत्तराखंड का हो या पंजाब का हो वह रहता किसान ही है और उसकी समस्याएं एक जैसी हैं और हर किसान परिवार इन बिलों का विरोध कर रहा है। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अपनी मनमानी पर उतारू है जिसे किसी भी हाल में किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके बाद भगवंत मान का काफिला सितारगंज से होते हुए नानकमत्ता गुरुद्वारे साहिब पहुंचा जहां गुरुद्वारा कमेटी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारे ने मत्था टेका और गुरु के साथ ही तमाम किसानों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद एक जनसभा में उन्होंने कहा कि वह सांसद से पहले एक किसान हैं और किसानों की समस्याएं अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगे पूरी नहीं होती तब तक आम आदमी पार्टी किसानों का समर्थन करते हुए ऐसे ही प्रदर्शन करती रहेगी।

यहां से आप सांसद का काफिला शाम 5:00 बजे खटीमा विधानसभा पहुंचा जहां जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र की नाकामियों पर सवाल उठाए तो दूसरी तरफ किसानों का पूर्ण रूप से समर्थन किया। भगवंत मान ने कहा कि जब जब किसानों ने आंदोलन किया तब तक बड़े-बड़े नेता अर्श से फर्श पर पहुंच गए और आज फिर वही स्थिति देश और किसानों के सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि लगता है केंद्र और देश के प्रधानमंत्री को किसानों की ताकत का अंदाजा बिल्कुल नहीं है लेकिन जब तक किसानों के बिल केंद्र सरकार वापस नहीं करती तब तक सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी किसानों का पूर्ण रुप से समर्थन करती रहेगी और अब सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं बल्कि देश के किसान भी केंद्र से लेकर राज्य की सरकार को आने वाले चुनाव में उखाड़ फेंक देंगे और इसकी जिम्मेदारी सिर्फ बीजेपी की गलत नीतियों की होगी और यही सच्ची जीत आम आदमी पार्टी और किसानों की होगी।




