केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ जहां देशभर में किसान आक्रोशित है तो वहीं विपक्षी दल इसको मुद्दा बनाए हुए हैं। बीते रोज जसपुर में उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को किसानों के द्वारा काले झंडे दिखाए जाने के बाद कृषि कानूनों को लेकर आज काशीपुर में कांग्रेसियों ने बंशीधर भगत का विरोध करते हुए उनके काफिले को काले झंडे दिखाए। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच नोकझोंक भी हुई।

आपको बताते चलें कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत इस समय अपने कुमाऊं भ्रमण पर हैं। जिसके दौरान बीते रोज जसपुर में कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में पहुंचे बंशीधर भगत को किसानों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था और किसानों ने वहां काले झंडे दिखाए थे। जिसके बाद आज काशीपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के द्वारा आयोजित कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए जैसे ही भारतीय जनता पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का काफिला मुरादाबाद रोड स्थित नवीन अनाज मंडी गेस्ट हाउस से बाजपुर रोड स्थित होटल गौतमी हाइट्स में आयोजित कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुआ तभी जसपुर बस अड्डे के पास अचानक कांग्रेसी हाथों में काले झंडे और माथे पर काली पट्टियां बांधकर सड़क पर आ गए और बंशीधर भगत के काशीपुर आगमन का विरोध करते हुए उन्हें काले झंडे दिखा दिए। इस मौके पर कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर बैठा किसान कड़ाके की ठंड से मर रहा है तो वही भाजपा को प्रदेश में 2022 का चुनाव दिखाई दे रहा है और इसी के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सड़कों पर आकर राजनीति कर रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने वाले किसान नहीं बल्कि कांग्रेसी हैं और प्रायोजित हैं। कांग्रेस पूरी तरह से हताश और निराश है उनके पास कुछ नहीं रह गया है।




