काशीपुर स्थित श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, काशीपुर ने अपना वार्षिक समारोह “Waves of Change – A Journey of Growth Innovation & Transformation ” का भव्य आयोजन किया। यह केवल एक सामान्य वार्षिक दिवस का आयोजन नहीं था, बल्कि संस्थान के समर्पण, प्रगति, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत प्रदर्शन था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शुभम चमोली प्लांट हेड सूर्या रोशिनी लिमिटेड काशीपुर, श्रीमती उषा चौधरी भूतपूर्व मेयर काशीपुर, विशिष्ट अतिथि श्री राजीव घई अध्यक्ष, काशीपुर डेवलपमेंट फोरम, बिजेंद्र चौधरी अध्यक्ष, उत्तराखंड एथेलेटिक्स एसोसिएशन, गोपाल किशन चौयरमेन एग्रोन रेमेडीज, गोपाल चौहान एम0 डी० SPCC थे। संस्थान ने इस वर्ष की थीम विशेष रूप से इसलिए चुनी थी ताकि यह विद्यार्थियों और स्टाफ को प्रेरित करे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की दिशा में नई ऊर्जा भरे।
समारोह का शुभारंभ बीसीए के छात्र-छात्राओं ने दुर्गा स्तुति की प्रस्तुति के साथ किया। तत्पश्चात, बी.एड. और के विद्यार्थियों ने “राजुला मालू साही“ पर एक शानदार नृत्य एवं संगीत प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
संस्थान के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जैसे कि कुमाऊँनी, बॉलीवुड डांस, नेपाली नृत्य, भांगड़ा, साइबर सिक्योरिटी, एवं नाटकों के माध्यम से मंच रंगो से भर दिया। दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इसके अतिरिक्त, सामाजिक बुराइयों पर आधारित नाटक एवं नृत्य ने समाज में जागरूकता लाने का कार्य किया।
संस्थान के वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण “वेव ऑफ़ इनोवेशन“ एक्सपो रहा, इस एक्सपो में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने अपने नवोन्मेषी प्रोजेक्ट, शोध मॉडल तथा रचनात्मक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित दर्शकों एवं अतिथियों ने अत्यंत सराहा। विद्यार्थियों की मौलिकता, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक ज्ञान ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।
संस्थान के अध्यक्ष श्री रवींद्र कुमार जी ने सभी अतिथियों, दर्शकों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए संस्थान की 22 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयारत है, जिसके कारण छात्र-छात्राएँ आज देश-विदेश की प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हैं।
मुख्य अतिथि श्री शुभम चमोली ने अपने संबोधन में श्रीराम संस्थान की प्रगति की सराहना की और विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि तकनीकी युग में एआई एवं अन्य तकनीकों का प्रयोग करके कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
समारोह में प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत 25 पूर्व विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संस्थान में कार्यरत गिरीश चंद्र फुलारा को 10 वर्षों की सेवा के लिए ‘लॉन्ग सर्विस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, 55 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं और तथा रील मेकिंग कम्पटीशन के 17 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) योगराज सिंह ने कहा कि युवा ही समाज की सृजनात्मक शक्ति हैं और अध्यापकों का दायित्व है कि वे इन्हें सही दिशा में प्रेरित करें।
प्राचार्य डॉ. एस.एस. कुशवाहा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया और श्रीराम संस्थान के उज्जवल भविष्य की कामना की।
मंच संचालन संस्थान के प्रवक्ता कुलदीप, डॉ. फरहा नईम, डॉ प्रतिभा राघव, छवि चौधरी ने अत्यंत कुशलता पूर्वक किया। वार्षिकोत्सव का समन्वयन डॉ0 गुलनाज सिद्द्की द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की सफलता का श्रेय विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्षों, प्रवक्ताओं, स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के अथक प्रयासों को जाता है। यह आयोजन न केवल भव्य एवं आकर्षक रहा, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं संस्थान की उत्कृष्टता का प्रमाण भी प्रस्तुत किया।
