काशीपुर में तेंदुए के लगातार ऐतिहासिक द्रोणसागर टीले पर वन विभाग की टीम के द्वारा लगाए गए पिंजरे में आज शाम एक और तेंदुआ कैद हो गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सकुशल रेस्क्यू किया।
आपको बताते चले कि पिछले काफी समय से काशीपुर के द्रोणा सागर टीले पर तेंदुए की दस्तक देखी जा रही थी जिसके बाद अब तक दो तेंदुए एक महीने के भीतर पिंजरे में आ चुके हैं। आज शाम एक तेंदुआ एक बार फिर वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने से टीला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में फैली दहशत कम हो गई है। तेंदुए को पकड़ने में वन कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। वन विभाग की सतर्क रणनीति के बाद टीले पर तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद किया गया। बताया जा रहा है कि द्रोणसागर टीला क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए की आवाजाही बनी हुई थी। समय-समय पर तेंदुए के दिखाई देने से न केवल किले में कार्यरत कर्मचारियों, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों में भी भय का माहौल था।
पूर्व में भी तेंदुए की मौजूदगी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। टीला क्षेत्र में रहने वाले राधे खन्ना ने बताया कि अभी टीला क्षेत्र में लोगों के द्वारा दो और तेंदुए को देखा गया है। उनके लिए भी पिंजरा लगाया जाना चाहिए। वन रेंजर देवेंद्र रजवार ने बताया कि टीला क्षेत्र से एक और तेंदुए को पकड़ा गया है। अभियान अभी भी जारी है।
