February 7, 2026

खबर प्रवाह (NEWS FLOW) 01 नवम्बर 2025

काशीपुर में आज मां बाल सुंदरी देवी परिणय सेवा संस्था के द्वारा आज दो दर्जन से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। सामूहिक विवाह समारोह के माध्यम से निर्धन गरीब कन्याओं को संस्था के जरिए उपहार स्वरूप दान दहेज आदि देकर तथा सामूहिक कन्यादान कर परिणय सूत्र में बँधवाया गया तथा सभी जोड़ों को विदा किया गया।

आपको बता दें कि काशीपुर में माँ बाल सुंदरी परिणय सेवा संस्था के द्वारा प्रत्येक वर्ष गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह की शुरुआत वर्ष 2015 से कुंडेश्वरी रोड निवासी स्व० बाबूराम के द्वारा की गई थी। हालांकि वैसे तो यह सामूहिक विवाह वर्ष 2015 से आयोजित हो रहा है लेकिन 2 वर्षों तक कोरोना वैश्विक महामारी के चलते सामूहिक विवाह का आयोजन नहीं किया गया था। इसीलिए इस वर्ष यह 8वां सामूहिक विवाह है। संस्था के अध्यक्ष आनंद कुमार एडवोकेट ने बताया कि उनके पिता समाजसेवी स्व. बाबूराम ने जो परंपरा आरंभ की थी वह उसे आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कि इस पुनीत कार्य में उन्हें सभी का सहयोग मिल रहा है जिससे वह उत्साहित हैं। इसी क्रम में आज संस्था द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 31 निर्धन कन्याओं को परिणय सूत्र में बंधवाया गया। इस वर्ष संस्था द्वारा सभी कन्याओं को डबल बेड,रजाई गद्दे,अलमारी,संदूक, बर्तन, कपड़े मंगल सूत्र बिछुए समेत घर गृहस्थी की वस्तुएं उपाहार स्वरुप भेंट की गई। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के तहत काशीपुर के रामनगर रोड स्थित श्री रामलीला मैदान से घुड़चढ़ी के रूप में शुरू हुई जो कि कुंडेश्वरी रोड स्थित जसपुर खुर्द में स्वर्गीय बाबूराम के कार्यालय से होते हुए चैती मेला मैदान में पहुंची। इस दौरान बारात में भगवान शिव की बारात और राधा कृष्ण की झांकी और मां काली की झांकी के साथ साथ 31 घोड़ों पर 31 दूल्हे आकर्षण का केंद्र रहे। चैती मेला मैदान में आयोजको द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर सभी 31 वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान किया। विवाह कार्यक्रम में पंडा विकास अग्निहोत्री के नेतृत्व में सनातनी पद्वति से पूरे विधिविधान के साथ तथा संस्था द्वारा सभी नवविवाहित जोड़ों को पूर्ण दान दहेज प्रदान कर विदा किया गया। संस्था के द्वारा वर्ष 2015 से अब तक 150 निर्धन कन्याओं का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। आज के कुल 31 कन्याओं के विवाह के बाद संस्था द्वारा आयोजित 8वे सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में 181 कन्याओं का विवाह करा चुकी है। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे उत्तराखंड सरकार के दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट तथा वहाँ मौजूद कमेटी के पदाधिकारियों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वर वधु को सुखद जीवन का आशीर्वाद दिया। बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया। रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान से सुबह 31 बजे बैंडबाजों के साथ 31 दूल्हे बारातियों के साथ विवाह करने निकले। लोगों ने चीमा चौराहा और पुरानी मंडी के सामने सामूहिक बारात का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बारात करीब दो बजे चैती मंदिर परिसर स्थित पंडाल में पहुंचीं। संस्था के अध्यक्ष आनंद कुमार एड, महासचिव सुरेश शर्मा, अन्य पदाधिकारियों और दुल्हनों के परिजनों ने बारातियों का स्वागत किया। बारात का नेतृत्व पूर्व विजय चौधरी ने किया। चैती मेले के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री की देखरेख में 31 जोड़े वर-वधू परिणय बंधन में बंधे। समारोह स्थल पर जागरण मंडल के कलाकारो ने भजनों व गीतों की सुन्दर सुन्दर प्रस्तुति देकर बारातियों का मनमोहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। समारोह में पांच हजार से अधिक लोगों ने शिरकत कर प्रसाद ग्रहण किया। वहीं संस्था कोषाध्यक्ष एवं धार्मिक कार्यक्रम प्रमुख मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि विवाह स्थल पर तैयार की गई 31 वेदियों में विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में सभी वर वधूओं ने सनातन पद्धति के अनुसार विधि-विधान पूर्वक एक दूसरे के गले में जयमाल डालते हुए अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।

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