पुलिस विभाग के कर्मियों पर हमेशा गरीबों लोगों के उत्पीड़न और खून चूसने जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है। इन शब्दों को आज गलत साबित किया काशीपुर के सीपीयू (सिटी पेट्रोलिंग यूनिट) के कॉन्स्टेबल चालक सुनील भदौला ने। जब सुनील भदौला ने एक व्यक्ति के परिजन को मुश्किल वक्त में रक्तदान कर ड्यूटी से हटकर मानवता का फर्ज निभाया।
दरअसल आज अपनी ड्यूटी के दौरान काशीपुर में तैनात सीपीयू (सिटी पेट्रोलिंग यूनिट) के कॉन्स्टेबल चालक सुनील भदौला को यातायात व्यवस्था ड्यूटी के दौरान एक व्यक्ति द्वारा बताया गया कि उसकी चाची किसी अस्पताल में भर्ती है और मरीज को तुरंत खून की आवश्यकता है तथा वह काफी देर से खून की व्यवस्था के लिए इधर-उधर दौड़ भाग कर रहा है लेकिन खून की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। तभी कांस्टेबल चालक सुनील भदोला ने पूछा कि किस अस्पताल में मरीज भर्ती है अगर कहीं खून नहीं खून मिले तो मुझे फोन करना एवं अपना फोन नंबर उक्त व्यक्ति को दे दिया। कुछ समय बाद उक्त व्यक्ति का फोन आया उसने बताया कि खून की व्यवस्था कहीं नहीं हो पा रही है कृपया खून की व्यवस्था कर दीजिए। मरीज और तीमारदार की स्थिति को देखते हुए कांस्टेबल सुनील भदौला अस्पताल गए और मानवता का फर्ज पूरा करते हुए स्वयं अपना एक यूनिट खून उपलब्ध कराया। उनके द्वारा ड्यूटी के दौरान समय निकालते हुए रक्तदान कर मानव सेवा की जो मिसाल पेश की है उसकी चौतरफा प्रशंसा हो रही है।





