खबर प्रवाह (13 नवम्बर, 2022), देहरादून
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उत्तराखंड एसटीएफ को उस वक्त बड़ी सफलता हाथ लगी जब पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देश के क्रम में एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल के द्वारा उत्तराखंड में गैंगस्टर एवं बड़े अपराधियों की निगरानी रखने एवं उनके सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश के बाद एसटीएफ की अलग अलग टीमें उत्तराखंड एवं अन्य राज्य के गैंगस्टर एवं सक्रिय बड़े अपराधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी दौरान बीते रोज एसटीएफ को सूचना प्राप्त हुई की दिल्ली के रणदीप भाटी गिरोह के शार्पशूटर देहरादून में कोई बड़ी वारदात देने के मकसद से देहरादून आ रहे हैं।
इस सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की 4 अलग-अलग टीमें रायवाला, धर्मावाला, अशारोड़ी और कुल्हाल बॉर्डर पर चेकिंग करने लगीं। रात्रि करीब 11:00 बजे आशारोड़ी पर एसटीएफ के उपनिरीक्षक विपिन बहुगुणा के नेतृत्व में तैनात टीम को एक काले रंग की स्कार्पियो आती दिखाई दी। सूचना के अनुसार उक्त स्कॉर्पियो का अशारोड़ी से पीछा किया गया एवं ट्रांसपोर्ट नगर के पास उक्त स्कॉर्पियो को टीम द्वारा रोककर चेकिंग की गई, तो काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में तीन व्यक्ति मौजूद मिले, जिनको एसटीएफ टीम द्वारा चारों तरफ से घेर कर पकड़ा गया। पकड़ने के बाद तीनों व्यक्तियों की तलाशी लेने पर उनके पास से 02 पिस्टल एवं 01 तमंचा तथा भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। जिस पर तीनों व्यक्तियों की आर्म्स एक्ट में गिरफ्तारी की गई। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान अपने नाम हरपाल पुत्र रामकिशन निवासी ग्राम गुजरमाजरी, थाना बाबल, जनपद रेवाड़ी हरियाणा, गौरव कुमार चंदीला पुत्र सुखवीर चंदीला निवासी ग्राम भतौला थाना खेड़ीपुल, फरीदाबाद हरियाणा तथा गौरव कुमार पुत्र कृपाल सिंह निवासी ग्राम भगोट, थाना चांदीनगर, बागपत, उत्तर प्रदेश बताया। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वह रणदीप भाटी गिरोह के सदस्य हैं और नोएडा के बीटू थाने से वांछित चल रहे हैं। गिरफ्तार अभियुक्त हरपाल द्वारा बताया गया कि 3 अक्टूबर को हम तीनों लोगों द्वारा नोएडा बीटू थाना क्षेत्र में रणदीप भाटी के कहने पर सांगा पंडित नामक व्यक्ति का अपहरण कर उसे जान से मारने का प्रयास किया गया था, जिसमें वे तीनों लोग वांछित चल रहे हैं। गैंगस्टर रणदीप भाटी का मुख्य शूटर हरपाल माह फरवरी वर्ष 2022 में अमन नाम के एक कॉल सेंटर संचालक का अपहरण कर 25 लाख रूपये की फिरौती मांग की थी, जिसे बाद में थाना हरीनगर पुलिस दिल्ली द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था व गिरफ्तार एक अन्य शूटर गौरव चंदीला भी फरवरी 2020 में थाना सेक्टर – 58, बिशनपुरा से हत्या के प्रयास में जेल जा चुका है। तीनों अभियुक्तों ने बताया कि आजकल पैसे की काफी तंगी चल रही थी, तथा नोएडा वह दिल्ली में पकड़े जाने का डर था, जिस कारण से कोई बड़ी लूट की वारदात करने की योजना बनाकर देहरादून आए थे, इसके लिए देहरादून में दो-तीन दिन रुक कर रेकी करके लूट करने की योजना बनाई थी। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ टीम द्वारा तीनों सक्रिय अपराधियों को थाना क्लेमेंटटाउन में ले जाकर पूछताछ कर अन्य जानकारी हासिल की जा रही है। हरपाल भाटी गिरोह का मुख्य शार्प शूटर है। इन तीनों के पास से दो पिस्टल, एक तमंचा और 12 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
अनिल दुजाना और सुंदर भाटी गैंग से रणदीप भाटी गैंग का काफी समय से आपस मे चल रहा है गैंगवार
गौरतलब है कि गैंगस्टर सुंदर भाटी का अनिल दुजाना और रणदीप भाटी गैंग का काफी समय से आपस में गैंगवार चल रहा है। जिसमें दिनांक 31 जनवरी 2014 को सुंदर भाटी गिरोह के मुख्य शूटर अशोक निवासी हापुड़ उत्तर प्रदेश व 5 अन्य के द्वारा रणदीप भाटी गिरोह के एक शूटर संजय नागर निवासी गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश का नालापानी रोड, रायपुर देहरादून में सुबह 9:00 बजे के करीब कई राउंड गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिस संबंध में थाना रायपुर में मुकदमा अपराध संख्या 13 /14 धारा 302 आईपीसी पंजीकृत किया गया था। वर्तमान में अब रणदीप भाटी एवं अनिल दुजाना की भी आपस में रंजिश चल रही है।






