February 7, 2026

उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष का पद संभाल रही सायरा बानो ने आज काशीपुर से एलिफेंट राजकीय चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जहां हॉस्पिटल की साफ सफाई का जायजा लिया तो वही मेल फीमेल वार्ड में पहुंचकर मरीजों से उनके इलाज के बाबत पूछताछ की। वहीं मरीजों ने अस्पताल में प्रसव के नाम पर हजारों रुपए का आरोप लगाया।

दरअसल उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्षा सायरा बानो आज काशीपुर के एलडी राजकीय चिकित्सालय पहुंचीं। यहां पहुंच कर उन्होंने प्रसव कक्ष, महिला और पुरुष वार्ड, अस्पताल के शौचालयों, दवा वितरण काउंटर, बर्न वार्ड, कैंटीन और ट्रामा सेंटर आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान महिला वार्ड में भर्ती महिला मरीजों ने खुलेआम प्रसव के नाम पर आशाओं के माध्यम से महिला डॉक्टर पर 5000 रुपए ऐंठने का आरोप लगाया। अस्पताल में भर्ती मुसव्वेहा पत्नी सलीम ने बताया कि वह कटोराताल मोहल्ले की रहने वाली है और उसका प्रसव बीते 21 फरवरी को सरकारी हॉस्पिटल में हुआ था बड़े ऑपरेशन के बाद उसकी लगातार तीसरी पुत्री का जन्म हुआ था। उस दौरान उनके क्षेत्र की आशा दिलशाना के द्वारा बड़े ऑपरेशन के बहाने उससे ₹5000 महिला डॉक्टर डॉ. शिवानी सिंघल दिलवाए गए। यह उसका लगातार तीसरा ऑपरेशन था। उसने बताया कि अभी 2 दिन से उल्टी आदि की शिकायत के बाद भर्ती हुई है। वही एक और हमने महिला मरीज ने बताया कि अभी उसके परिजनों से पैसे नहीं दिए गए लेकिन ऑपरेशन के नाम पर ₹5000 की डिमांड आशा जयवंती के द्वारा की गई है। वही सरकार की राज्यमंत्री सायरा बानो ने कहा कि लेबर रूम का निरीक्षण करने के बाद वहां साफ सफाई एवं प्रसव के उपकरण बेहतर अवस्था में पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों से बातचीत के दौरान मरीज ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सुविधाएं अच्छे तरीके से मिल रही है तो वही अस्पताल के शौचालय की स्थिति अच्छी है। खामियों के बारे में पूछे जाने पर सायरा बानो ने कहा कि महिला वार्ड में भर्ती महिला मरीज ने बताया कि राजकीय चिकित्सालय की चिकित्सक डॉक्टर शिवानी सिंघल आशाओं के माध्यम से एक प्रसव पर 5000 रूपये सुविधा शुल्क लेती हैं। इस बारे में अस्पताल के उच्चाधिकारियों एवं डॉ शिवानी सिंघल से भी बात की गई, उन्होंने आगे इस तरह की बात नहीं होने की बात कही। सायरा बानो ने मरीजों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिलने की बात करते हुए कहा कि कुछ मरीजो का कहना था कि आशाओं के द्वारा पैसा नहीं लिया जाता है तथा अच्छा कार्य किया जाता है तो कुछ मरीजों ने कहा कि मरीजों से पैसे आशाओं के माध्यम से लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने डॉक्टर से साफ कहा है कि वह मरीजों से सीधा संपर्क रखें जिससे कि आशाओं के माध्यम से न ठगे जाएं। उन्होंने कहा कि वे अपनी सारी रिपोर्ट सरकार को प्रेषित करेंगी। वही इस बाबत डॉ शिवानी सिंघल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें आज पहली बार यह पता चल रहा है कि आशाओं के द्वारा इस तरह का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह अब तक अपने काम में ही लगी रहती थीं लेकिन अब इस पर भी वह ध्यान रखेंगी क्योंकि मरीजों की सेवा करना उनका फर्ज है और वह अपना फर्ज अदा कर रही है और मेहनत कर रही है ऐसे में अगर इस तरह की बातें सुनने को मिलती है तो वह काफी गलत है।

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