देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी पहुंचे। हल्द्वानी पहुंचे प्रधानमंत्री ने इस दौरान 17,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली छह परियोजनाओं का उद्घाटन और लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित 17 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्द्वानी शहर के विकास के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आने का ऐलान किया तो वहीं मंच से उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने आपको मूल सुविधाओं का आभाव दिया। पहले सरकारों की सोच थी कि उत्तराखंड को सुविधाओं से दूर रखो और राज करो। जनता ने अब उन्हें नकार दिया तो अब अफवाह फैलाने की दुकान खोल ली है। अफवाह, बनाओ, प्रवाहित करो और अफवाह फैलाओ। टनकपुर, बागेश्वर लाइन को लेकर विरोधी नए भ्रम फैला रहे हैं। टनकपुर बागेश्वर लाइन प्रॉजेक्ट पर काम हो रहा है। जल्द ही काम शुरू होगा। यह मैं विश्वास दिलाता हूं। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल रूट बन रहा है। जल्द ही टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन बनेगी। पीएम ने कहा कि यह पत्थर नहीं हैं। यह संकल्प शिलाएं हैं। बीजेपी कामों को सिद्ध करके दिखाएगी। उत्तराखंड अपनी स्थापना के दो दशक पूरे कर चुका है। इन वर्षों में ऐसी सरकारें आईं जो कहती थीं चाहे उत्तराखंड को लूट लो लेकिन मेरी सरकार बन जाए। सरकारों ने उत्तराखंड से प्यार नहीं था, उन्होंने सिर्फ लूटा। जिसे कुमाऊं से प्यार होता है, वह देवभूमि छोड़कर नहीं जाता है। यहां सेवा करना देवी-देवताओं की सेवा करने जैसा है। हमारी सरकार इसी भावना से काम कर रही है। मैं जी-जान से जुटा हूं। गुनाह करने वालों को सजा मिलेगी। प्रॉजेक्ट लटकाने से उत्तराखंड का नुकसान हुआ। लोगों को नुकसान हुआ। ऐसे पाप करने वालों को जनता नहीं भूलेगी। मैं काम ठीक कर रहा हूं, आप उनको ठीक कीजिए। जो लोग पहले सरकार में थे, अगर उन्हें आपकी चिंता होती तो परियोजनाएं चार दशक तक न लटकतीं। पहले सरकार में जो लोग थे, उन्होंने उत्तराखंड के सामर्थ्य की कभी परवाह नहीं की। परिणाम यह हुआ कि न तो पर्याप्त बिजली मिली, न सिंचाई के लिए जल मिला, न ही पाइप से घरों को पानी मिला। पीएम ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया उनमें सिंचाई, सड़क, आवासीय, स्वास्थ्य ढांचा, उद्योग, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति सहित कई क्षेत्रों से संबंधित 17 परियोजनाएं शामिल हैं और इनकी कुल लागत 14,100 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने लगभग 5,750 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली और वर्षों से लंबित लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना की आधारशिला रखी और 8,700 करोड़ रुपये की कई सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के तहत देहरादून जिले के लोहारी गांव के नज़दीक यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनाना प्रस्तावित है। इस परियोजना से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
इनके अलावा उन्होंने उधमसिंह नगर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के सैटेलाइट केंद्र और पिथौरागढ़ में जगजीवन राम सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय का शिलान्यास भी किया। संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद भाजपा के दिग्गजों से बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा उत्तराखंड के बहुत आभाव झेला है। उत्तराखंड के जाे युवा अपना रोजगार करना चाहते हैं उनके साथ हमारी डबल इंजन की सरकार खड़ी है। बिना गारंटी आसानी से लोन मिल रहा है। विपक्षी सेना और हमारे वीरों का अपमान करने से भी नहीं चूके हैं। कहा कि आपके सपने हमारे संकल्प हैं, आपकी इच्छा हमारी प्रेरणा है और आपकी हर जरूरत का पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कुमाऊंनी बोली में जनसभा में मौजूद लोगों को नए साल और मकर संक्राति पर मनाए जाने वाले घुघुति पर्व की बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों का सामर्थ्य इस राज्य के आधुनिकता की ओर ले जाएगा। यहां की मिट्टी की ताकत इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएगी। उत्तराखंड से कितनी ही नदियां निकलती हैं। आजादी के बाद से ही, यहां के लोगों ने दो धाराएं और देखी हैं। एक धारा है- पहाड़ को विकास से वंचित रखने की और दूसरी धारा है- पहाड़ के विकास के लिए दिन रात एक करने की। पहली धारा वाले लोग आपको हमेशा विकास से वंचित रखना चाहते हैं। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए तेज गति से विकास कार्यों पर अनेक काम करने की जरूरत पर हमने जोर दिया है। उत्तराखंड में बढ़ रहे नए हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, उत्तराखंड में बढ़ रही औद्योगिक क्षमता, इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएगी। इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रात, तीरथ सिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल, केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, रानी राज लक्ष्मी, मंत्री रेखा आर्य, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, बंशीधर भगत, अजय टम्टा मौजूद रहे।






