February 7, 2026

प्रदेश में 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा वर्कर्स द्वारा अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के तहत काशीपुर में राजकीय चिकित्सालय में धरने पर बैठी आशा कार्यकत्रियों को समर्थन देने के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री और पीसीसी सचिव अलका पाल ने धरना स्थल पर पहुंचकर आशा कार्यकर्ताओं के साथ हुंकार भरी। इस दौरान अलका पाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि आशा कार्यकत्रियों की जायज मांगों को तत्काल संज्ञान में लेकर आशा वर्कर्स की 12- सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा कराएं अन्यथा वह खुद आशा वर्कर्स के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी।

काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय परिसर में 12- सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार विगत कई दिनों से चर्चा का विषय है। कई दिनों के बाद भी प्रशासन व राज्य सरकार के किसी भी प्रतिनिधि के द्वारा आशा वर्कर्स की हड़ताल को गंभीरता से ना लेने पर भड़की कांग्रेस नेत्री अलका पाल ने धरने स्थल पर पहुंचकर भाजपा सरकार को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि कोविड-19 कि दूसरी लहर में आशा वर्कर्स ने जिस प्रकार से जान हथेली पर रखकर कार्य किया, बावजूद उसके राज्य सरकार के द्वारा उनकी मांगों की अनदेखी से साफ जाहिर होता है कि राज्य की भाजपा सरकार आशा वर्कर, आगनबाडी कार्यकर्ता, किसान और मजदूरों के हितों के प्रति गंभीर नहीं है। कोविड-19 की दूसरी लहर में आशा वर्कर्स ने घर-घर जाकर राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई मेडिकल किट को आम जनता तक पहुंचा कर कोविड-19 की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया। राज्य सरकार को चाहिए कि उनकी जायज मांगों को तत्काल संज्ञान में लेकर आशा वर्कर्स की 12- सूत्री मांगों को शीघ्र पूरा कराएं अन्यथा वह खुद आशा वर्कर्स के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी। कांग्रेस प्रदेश सचिव अलका पाल ने अपनी सामाजिक संस्था एच.पी. मेमोरियल समाज कल्याण समिति की ओर से एक समर्थन पत्र भी आशा वर्कर को देते हुए उन्हें पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। इस अवसर पर स्नेह लता चौहान ,कमलेश, प्रेमा, सोनिया, लक्ष्मी, चित्रा, उमा सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ती धरने स्थल पर उपस्थित थी।

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