March 24, 2026

उत्तराखंड में उपनल संविदा और सेल्फ हेल्प कार्मिकों के समान कार्य के लिए समान वेतन देने, विभिन्न भत्ते देने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर विद्युत कर्मियों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड में ऊर्जा कर्मचारियों के आंदोलन से सरकार घबराहट में दिखाई दे रही है। शायद यही कारण है कि सुबह सचिवालय में पहले सचिव ऊर्जा सौजन्या और अब शाम को मुख्य सचिव एसएस संधू ने कर्मचारियों से वार्ता की। बातचीत के दौरान सीएस ने कर्मचारियों को सभी मांगों को कैबिनेट में लाने की बात कही, लेकिन कर्मचारी अपने जिद पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण यह वार्ता विफल रही। अब उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संघर्ष मोर्चा हड़ताल को लेकर आगे की रणनीति बना रहा है। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने जिस तरह से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाया है, उससे लगता है कि शासन और सरकार अब उनकी मांगों को लेकर कुछ गंभीर हो गयी है।

14 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से कर्मचारी से सरकार मांग कर रहे थे, लेकिन मांग पूरा नहीं होने पर कर्मचारियों ने आज रात 12 बजे से हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। हड़ताल की घोषणा के साथ ही सचिव ऊर्जा सौजन्या ने कर्मचारियों को सचिवालय में बातचीत के लिए बुलाया। करीब 4 घंटे तक चली यह वार्ता विफल रही। कर्मचारी सरकार को और समय देने को तैयार नहीं हुए। वहीं, शासन कर्मचारियों से 3 महीने का वक्त मांग रहा है. लेकिन कर्मचारियों ने अब और वक्त देने के मूड में नहीं हैं। साथ ही उन्होंने शासन को हड़ताल करने का अल्टीमेटम दिया है. वहीं, मुख्य सचिव ने अब से कुछ देर पहले कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया था। हालांकि, मुख्य सचिव और कर्मचारियों के बीच चल रही बातचीत भी बेनतीजा रही। ऊर्जा भवन में लगातार कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन चलता रहा. इस दौरान कर्मचारी ने नारेबाजी की। 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ऊर्जा निगमों के 10 संगठनों के 35 सौ से अधिक कर्मचारियों ने उत्तरांचल जल विद्युत निगम में सत्याग्रह किया। तीनों ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने उज्जवल से बल्लीवाला चौक स्थित ऊर्जा भवन तक रैली निकाल कर अपना विरोध जताया। कर्मचारियों ने यूजेवीएनएल मुख्यालय पर सत्याग्रह किया। उसके बाद सभी कर्मचारियों ने यूपीसीएल मुख्यालय तक विशाल रैली निकाली। बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली आपूर्ति गड़बड़ा सकती है।

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