February 7, 2026

काशीपुर में आज का दिन सिटी पेट्रोल यूनिट यानी सीपीयू के लिए खास है। सीपीयू के लिए आज का दिन इसीलिए भी खास है क्योंकि आज ही के दिन आज से तीन साल पूर्व काशीपुर में सीपीयू का गठन किया गया था। काशीपुर के लिए सफलतम तीन वर्ष पूर्ण होने पर महकमें के अधिकारियों ने पवन भारद्वाज के नेतृत्व में सीपीयू टीम की पीठ थपथपाई है। वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों ने भी शहर की यातायात व्यवस्था को हद तक सुचारू करने को लेकर सीपीयू का उत्साहवर्धन किया।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में आज ही के दिन से गठित सिटी पेट्रोल यूनिट की टीम ने काशीपुर में जिम्मेदारी को संभाला था। इन तीन वर्षों के दौरान सीपीयू की टीम ने गर्मी, सर्दी और बरसात की परवाह न करते हुए ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए सीपीयू की अलग-अलग टीमों ने चैकिंग के दौरान एक लाख 28 हजार 140 वाहनों का विभिन्न अनियमित्ताओं में चालान करते हुए कुल 3 करोड़ 11 लाख 88 हजार 900 रूपये संयोजन शुल्क वसूल कर सरकार के राजस्व में इजाफा किया। इसी तरह सीपीयू टीम द्वारा 2015 वाहन सीज किये गये तथा 3820 वाहनों के कोर्ट के चालान किये गये। कोविड के दौरान सीपीयू टीम का आम समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान रहा। सीपीयू ने जहां एक ओर जनसाधाारण को महामारी के प्रति सचेत करते हुए लगातार उसका उत्साहवर्धन किया, मॉस्क आदि बांटे।

वहीं कोविड नियमों के उल्लंघन में 11539 लोगों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 19 लाख 85 हजार 100 रूपयों का संयोजन शुल्क वसूल कर सरकार के राजस्व में जमा कराया गया। इसी तरह सिटी पेट्रोल यूनिट के जाबांजों ने 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत 1029 चालान करते हुए 2,57,500 रूपयों का जुर्माना वसूला। वहीं सीपीयू टीम के काशीपुर में सक्रिय होने के बाद चैन स्नेचिंग, लूट, छिनैती व दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी आयी है तो वहीं दूसरी और सीपीयू के सक्रिय होने के कारण 90 प्रतिशत बाइक चालक हेलमेट का प्रयोग करते देखे जा रहे हैं जिससे सड़क दुर्घटनाओं में सीपीयू की टीम घायलों के लिए देवदूत बनी है जिससे सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या में कमी आयी हैं साथ ही नगर की यातायात व्यवस्था भी सीपीयू के अथक प्रयासों के कारण पूर्व की तुलना में काफी हद तक पटरी पर है। अभी बीते दिनों ही रामनगर रोड स्थित तीन कारों के आपस में टकराने के बाद सीपीयू की टीम ने मोर्चा संभालते हुए सभी घायलों को सकुशल उपचार के लिए अपने वाहन के सातग साथ एम्बुलेंसों से राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया था।

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