काशीपुर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र सरस्वती ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच पेट्रोल तथा डीजल के साथ ही अब खाद्य तेलों के दामों में भी बढ़ोतरी से आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है l देश के कई शहरों में पेट्रोल के दाम ₹100 प्रति मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गया है l ऐसा प्रतीत होता है कि मानो पेट्रो उत्पादों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है l उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए l कांग्रेसी नेता सरस्वती ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से खाद्य तेलों सरसों, बनस्पति, सोया, मूंगफली तेल और पॉम ऑयल के दाम बढ़े हैं, उससे महामारी से परेशान आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है l सरसों तेल की कीमत कई जगहों पर ₹200 लीटर तक पहुंच चुकी है l ऐसे में आम आदमी को कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच जहां एक और जिंदगी बचाने की जद्दोजहद से जूझना पड़ रहा है, वही दो वक्त की रोटी के लिए भी लाले पढ़ते दिखाई दे रहे है l आम आदमी की बढ़ती मुसीबतों का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाजार में मिलने वाले खाद्यान्न, तिलहन, तेल आदि के दाम आसमान छू रहे हैं l देश और राज्य की सरकार अर्थव्यवस्था पर अपना नियंत्रण खोती जा रही है l वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सरस्वती ने आरोप लगाया कि बढ़ती हुई महंगाई के कारण जनता पूरी तरह त्रस्त है,लेकिन भाजपा मस्त है l कोविड-19 में लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के कारण पूरे उत्तराखंड में मृत्यु दर का ग्राफ देश में दूसरे स्थान पर है, जो की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का नमूना है l उत्तराखंड की जनता भाजपा की निरंकुशता को जवाब देने के लिए अब कमर कस चुकी है।




