
अरूणाचल प्रदेश में बीते तीन दिन पूर्व शहीद हुए काशीपुर के जवान का आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर प्रदेश सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे और यशपाल आर्य ने सहित को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहीद के शव को उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी।

दरअसल मुकेश पुत्र स्व० ओमप्रकाश मूल रूप से पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद के थाना डिलारी के ग्राम गक्खरपुर के रहने वाले थे और पिछले 10 वर्षों से काशीपुर ग्राम नंदरामपुर में मकान बनाकर रहने लगे थे। इसी गांव में उनकी ससुराल भी है। मुकेश 9 कुमाऊं रेजीमेंट में हवलदार के पद पर कार्यरत थे तथा पिछले तीन साल से मुकेश अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात थे। बीते तीन दिन पूर्व रविवार दोपहर करीब तीन बजे यूनिट के अधिकारियों ने मुकेश के बड़े पुत्र विशाल कुमार को मुकेश की शहादत की ख़बर दी।

मुकेश की शहादत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। हवलदार मुकेश का पार्थिव शरीर आज सुबह तड़के एम्बुलेंस के ज़रिए काशीपुर पहुंचा, जहां से शहीद के पार्थिव शरीर को गाड़ी में रखकर सैन्य वाहन के साथ शवयात्रा के रूप में उसके नंदरामपुर स्थित घर लाया गया। रास्ते में शहीद की शवयात्रा में भारी जनसमूह उमड़ पड़ा। जैसे ही शहीद मुकेश का शव शवयात्रा के रूप में उसके घर पहुंचा तो वहां मौजूद शहीद के परिवार में कोहराम मच गया।

वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गयीं। शहीद की शवयात्रा में ताबूत में रखे उसके शव को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे और पूर्व सांसद बलराज पासी ने पहुंचकर कंधा दिया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधानसभा के विधायक यशपाल आर्य भी मौजूद रहे। मृतक के परिवार में पत्नी नीलम और दो बेटे विशाल (18) एवं ऋषभ (15) हैं।

उसके भाई मुनेश कुमार का रानीखेत में निजी व्यवसाय है जबकि दोनों बहनें बबली और कविता विवाहित हैं। शहीद मुकेश के परिजनों के मुताबिक मुकेश कुमार चार अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होना था। मुकेश का इरादा सेवानिवृत्त होने के बाद अपना कारोबार करने का था। मुकेश की इच्छा थी कि उनके दोनों बेटे बेहतर शिक्षा ग्रहण कर प्रशासनिक सेवा में जाकर देश सेवा करें। उनके पिता ओमप्रकाश भी रानीखेत कैंट छावनी से सेवानिवृत्त हुए थे और तीन साल पूर्व ही मुकेश के पिता का निधन हुआ था।

सरकार की तरफ से शव यात्रा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे और यशपाल आर्य ने शहीद के शव पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने शहीद के परिवार को विश्वास दिलाते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर शहीद के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

वही कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि शहीदों की मृत्यु का कोई मोल नहीं है। लेकिन सरकार का लक्ष्य है कि शहीदों के परिवार को आर्थिक रूप से मदद प्रदान की जाए, सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि शहीद मुकेश कुमार के परिवार की देखभाल करना सरकार का दायित्व है। वही शहीद के साले रोहित कुमार ने बताया कि उनके बहनोई मुकेश 9 कुमाऊं रेजिमेंट में हवलदार के पद पर थे और अप्रैल 2021 में रिटायर होने वाले थे। वह आगामी जनवरी माह में मुकेश छुट्टी पर आने वाले थे और उसके पहले ही उन्होंने अपनी शहादत दी तथा देश के नाम कुर्बान हो गए।
