रमजान माह के अलविदा जुमा की नमाज 13 मार्च को अदा की जाएगी। अगर 30 रोजे पूरे होते हैं तो अगले सप्ताह 20 मार्च को फिर से अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी जाएगी। ऐसे में शनिवार 21 मार्च को ईद का त्योहार मनाया जा सकता है। हालांकि ये सब चांद दिखने के ऊपर निर्भर होगा। काशीपुर की सभी मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
काशीपुर शहर इमाम मुफ्ती मुनाजिर हुसैन कादरी ने बताया कि रमजान के 23वें रोजे को अलविदा जुमा की नमाज सभी मस्जिदों में पूरे खुलूस के साथ अदा की जाएगी। नमाज से पहले खुतबा होगा और उसके बाद दो रकआत फर्ज नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद देश और दुनिया में अमन चैन की दुआ की जाएगी। उन्होंने बताया कि रमजान के विदा होने का गम और ईद के आने की खुशी इन दोनों भावनाओं का संगम है अलविदा जुम्मा। इस्लामिक कैलेंडर में इस दिन की अहमियत बहुत खास है, क्योंकि ये इबादत की उस कड़ी का आखिरी हिस्सा है जो पूरे महीने चलती है। आज के दिन ज़कात और जरूरतमंदों की मदद पर खासतौर पर जोर दिया जाता है जो इंसानियत के सबसे बड़े धर्म को दर्शाता है।
अगर 30 रोजे हुए तो क्या होगा, कब मनाया जाएगा ईद का त्योहार
शहर इमाम ने बताया कि अगर इस बार रमजान के 29 रोजे होते हैं, तो अगले जुमे को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। अगर 30 रोजे मुकम्मल होते हैं, तो अगले जुमे को फिर से अलविदा जुमा की नमाज होगी, जो कि अल्लाह की तरफ से इनाम होगा। ऐसे में अगले शनिवार को ईद का त्योहार मनाया जाएगा।
