ख़बर प्रवाह (23 जनवरी, 2024)
पूरा देश बीते रोज यानी 22 जनवरी के दिन राम में हो चला था पूरे देश भर के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता रहा तो वहीं जहां एक तरफ भगवान श्री राम मां सीता अपने घर में विराजमान हुए तो वही दूसरी तरफ अस्पतालों में भी 22 जनवरी के दिन प्रसव करवाने के प्रति खास उठ रहा था हर कोई यही चाहता था कि हमारे घर प्रभु श्री राम के रूप में या मां सीता के रूप में नौनिहाल जन्म ले।

काशीपुर में मुरादाबाद रोड स्थित नव्या मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की संचालिका डॉक्टर अर्चना चौहान के मुताबिक उनके अस्पताल में बीते रोज 22 जनवरी के दिन चार प्रसव हुए जिसमें दो बेटे तथा दो बेटियां थी। उन्होंने बताया कि अधिकतर प्रसव पीड़िताओं के परिजनों की दिल्ली इच्छा थी कि सामान्य प्रसव या ऑपरेशन के जरिए उनकी प्रसुताओं के प्रसव 22 जनवरी के दिन ही किए जाएं लेकिन किसी भी तरह की चिकित्सकीय दिक्कत ना हो इसके लिए उनके द्वारा प्रसुताओं के परिजनों को समझाया गया। उनके हॉस्पिटल में कल कुल 4 प्रसव हुए जिसमें से 2 बेटे और 2 बेटियाँ पैदा हुईं। वही मुरादाबाद रोड स्थित केवीआर हॉस्पिटल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रिची सिंह सोलंकी ने बताया कि 22 जनवरी को अपने नवजात शिशुओं को जन्म दिलवाने के लिए प्रसुताओं के परिजनों का डॉक्टर को ऊपर बहुत ही दबाव था कि हमारा नवजात कल के दिन ही राम और सीता के रूप में जन्म ले। वहीं उन्होंने बताया कि कवर हॉस्पिटल में 22 जनवरी के दिन दो प्रसव हुए हैं और दोनों ही प्रसव के दौरान बेटियों ने जन्म लिया है। उन्होंने बताया कि बीते रोज देश भर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बीच केवीआर हॉस्पिटल के सभी चिकित्सको ने यह संकल्प लिया था कि 22 जनवरी के दिन उनके द्वारा ओपीडी निशुल्क की जाएगी। उन्हें यह कहते हुए अच्छा लग रहा है कि केवीआर अस्पताल के सभी डॉक्टरों ने कल अपने संकल्प का अनुरूप निशुल्क ओपीडी की सेवा मरीजों को प्रदान की। वही नव्य हॉस्पिटल में जन्म लेने वाले नवजात के पिता योगेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि बीते रोज उनके घर पर प्रभु श्री राम की कृपा से रामलला आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा विचार अपने नवजात का नाम अयोध्या सिंह राजपूत रखने का है।




